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IG कानपुर मोहित अग्रवाल की पहल, फर्रुखाबाद एनकाउंटर में मारे गए सुभाष की मासूम बेटी को पुलिस ने लिया गोद

बता दें पिता के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के बाद मासूम की मां को भी गांव वालों ने पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया था.
आमतौर पर तो उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) पुलिस (Police) आए दिन अपने किसी न किसी अधिकारी या पुलिसकर्मी की करतूत के चलते आलोचनाओं से ही घिरी रहती है. लेकिन इस बीच आईजी कानपुर रेंज आईपीएस मोहित अग्रवाल ने (IPS Mohit Agrawal) इंसानियत की एक नई मिशाल पेश करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस का नाम पूरे देश में रोशन कर दिया है. आईजी कानपुर रेंज मोहित अग्रवाल ने बीते दिनों फर्रुखाबाद एनकाउंटर (Farrukhabad Encounter) में मारे गए एक सिरफिरे अपराधी सुभाष बाथम की 4 साल की मासूम बेटी गौरी को गोद लेने का ऐलान किया है.

बता दें पिता के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के बाद मासूम की मां को भी गांव वालों ने पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया था. दरअसल बीते दिनों फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद कोतवाली के करथिया गांव के सुभाष बाथम नाम के शातिर अपराधी द्वारा बर्थडे पार्टी देकर करीब 24 बच्चों को बंधक बना लिया गया था. जिसकी सूचना पाकर इन बच्चों को छुड़ाने पहुंची पुलिस पर फायरिंग की गई थी. जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल भी हो गए थे. इस दौरान सुभाष अपनी बेतुकी मांगों को तत्काल पूरा न किये जाने पर बंधक बच्चों को भी मार देने की धमकी दे रहा था.


बच्चों के बंधक बनाए जाने पर मचा था हड़कंप
इसकी सूचना मिलते ही राजधानी लखनऊ तक हड़कंप मच गया था. खुद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों को छुड़ाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन की काम संभाली और तत्काल डीजीपी, अपर प्रमुख सचिव गृह, स्थानीय विधायक और डीएम-एसपी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर किसी भी कीमत पर सभी बच्चों को सुरक्षित निकालने का निर्देश दिया. इसके बाद आईजी कानपुर रेंज मोहित अग्रवाल को तत्काल घटना स्थल पर पहुंचने का निर्देश देकर ATS औऱ NSG कमांडोज को भी घटना स्थल के लिए रवाना करवा दिया.

गोद लेने का किया ऐलान
जिसके बाद पुलिस ने सुभाष नाम के इस सिरफ़िरे को एनकाउंटर में मार गिराया. तो वही दूसरी ओर आक्रोशित ग्रामीणों ने इस सिरफ़िरे की पत्नी रूबी को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया. सुभाष की पत्नी रूबी की भी इलाज़ के दौरान मौत हो गई. जबकि सिरफिरे सुभाष के मां-बाप की पहले ही मौत हो चुकी थी. मां-बाप की मौत के बाद मासूम बेटी गौरी अनाथ हो गई. लेकिन इस बीच आईजी कानपुर रेंज मोहित अग्रवाल ने जहां बंधक बनाए गए सभी बच्चों को उनके परिजनों को सौप दिया. वहीं इस अनाथ बच्ची को पुलिस को सौंपते हुए इसकी देखरेख करने का निर्देश दे दिया. लेकिन इस बीच आईजी मोहित अग्रवाल ने न सिर्फ एक बार फिर इस बच्ची का हाल-चाल जाना, बल्कि इंसानियत की एक नई मिशाल पेश करते हुए इस अनाथ मासूम बच्ची को गोद लिए जाने का ऐलान भी कर दिया.बेटी को बड़ा अफसर बनाएंगे


1997 बैच के आईपीएस अफसर और कानपुर के आईजी रेंज मोहित अग्रवाल बताते है कि 'इस घटना के बाद इस अनाथ बच्ची को लेने इसके घरवाले या रिश्तेदार नही आ रहे थे. ये बच्ची अभी अनाथ और बेसहारा है. इसलिए इसको अब पुलिस विभाग गोद लेगा. इसे किसी अच्छे हॉस्टल वाले स्कूल में पढवायेंगे. और आईएएस/ आईपीएस जैसा कोई बड़ा अफसर बनवाएंगे. इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा, ताकि ये बच्ची ऐसा न सोचे कि इसका कोई नही है. ये अभी बहुत छोटी बच्ची है, इसका नाम गौरी है. हम लोग इसका पूरा ध्यान रखेंगे और इसे गोद लेंगे. इसको हम बड़ा अफ़सर बनाएंगे.'

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