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दो दिन बाद कानपुर सेंट्रल पर गूंजी ट्रेन की सीटी, केरल में फंसे 85 रेलवे कर्मियों को लेकर आई राप्ती सागर एक्सप्रेस

गाजीपुर न्यूज़ टीम, कानपुर, केरल में फंसे रेलवे कर्मचारी गोरखपुर जाने वाली राप्ती सागर के खाली रेक से शहर पहुंचे। स्टेशन निदेशक की मौजूदगी में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी की थर्मल स्क्रीनिंग कराई और सभी को जाने दिया गया। जीआरपी और आरपीएफ स्टाफ ने सेंट्रल पर उतरे लोगों का नाम, पता व मोबाइल नंबर आदि दर्ज किया।

गोरखपुर से त्रिवेंद्रम (केरल) के बीच चलने वाली राप्ती सागर एक्सप्रेस (12512) की खाली रैक केरल में फंसे कर्मचारियों को लेकर चली। गुरुवार दोपहर कानपुर सेंट्रल पहुंचने की जानकारी पर स्टेशन निदेशक हिमांशु शेखर उपाध्याय, आरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट आरएन पांडेय, जीआरपी इंस्पेक्टर राममोहन राय फोर्स के साथ मुस्तैद हो गए। 1.35 बजे ट्रेन प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची तो दो दिन बाद सेंट्रल स्टेशन का सन्नाटा टूटा। स्टेशन पर पटरियों पर ट्रेन के धड़धड़ाने की आवाज और सीटी सुनाई दी।

इसके बाद ट्रेन से कानपुर, कन्नौज, लालगंज, फतेहपुर, अजगैन समेत अन्य कई जगह रहने वाले रेलवे कर्मचारियों को उतारा गया। प्लेटफार्म पर दो-दो मीटर की दूरी पर सबको बैठाया गया। डिप्टी एसएस कार्मशियल दफ्तर में ड्यूटी पर मौजूद रईस जाफरी ने सभी के नाम पते, मोबाइल नंबर आदि नोट किए। स्टेशन पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की। हाथ पर होम क्वारंटाइन की मोहर लगाने के बाद सभी को स्टेशन से निकलने की अनुमति मिली।


रेक में नौ सौ लोग सवार थे
सेंट्रल पहुंचे कर्मचारियों ने बताया कि 85 लोगों को यहां उतारा गया, ट्रेन की रेक में कुल नौ सौ लोग सवार थे। सबसे अधिक तीन सौ लोगों को झांसी और इटारसी में उतारा गया। रेक लाने वाले चालक जूही के स्टाफ धीरज कोहली की भी स्क्रीनिंग की गई।

कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में थे पैंट्री कर्मी
रेक में सवार रेलवे कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में पैंट्री कर्मी भी सवार थे। पैंट्री कर्मियों ने बताया कि राप्ती सागर के दूसरे रेक से अभी कुछ अन्य लोग भी शहर आएंगे।

चालक न मिलने से खड़ी रही रेक
चालन न मिलने से रेक सेंट्रल स्टेशन पर करीब डेढ़ घंटे खड़ी रही। सवा तीन बजे के लगभग चालक के स्टेशन पहुंचने के बाद रेक को गोरखपुर के लिए रवाना किया जा सका।

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