Breaking News

Coronavirus Effect : लॉकडाउन के बीच पिता की अंत्येष्टि के लिए 298 किमी पैदल चल पड़ा बेटा

गाजीपुर न्यूज़ टीम, एक तरफ पिता के देहांत की खबर, दूसरी तरफ लॉकडाउन के चलते आवागमन के साधनों पर पांबदी। घर से दूर कमाने गए 39 वर्षीय कन्हैयालाल के सामने इन हालात में मुसीबत खड़ी हो गई। पिता की अंत्येष्टि का कर्तव्य निभाना था मगर, वहां तक पहुंचें कैसे? इस असमंजस के बीच आखिरकार उन्होंने हिम्मत बांधी और मध्य प्रदेश के ग्वालियर से उत्तर प्रदेश में शाहजहांपुर अपने घर आने के लिए 298 किलोमीटर की पदयात्रा पर निकल पड़े। वह यह दूरी अपने 14 वर्षीय पुत्र के साथ तय कर रहे हैं।

कन्हैयालाल जिला शाहजहांपुर के ग्राम सिमोरा का रहने वाले हैं और ग्वालियर में अचार बेचकर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। बुधवार की रात पिता के निधन की सूचना घरवालों ने फोन कर उन्हें दी। घर जाने के लिए कोई साधन न मिलने की सूरत में कन्हैयालाल ने पैदल ही जाने की ठानी और बेटे के साथ पदयात्रा पर कदम बढ़ा दिए। इटावा-फर्रुखाबाद मार्ग के रास्ते शाहजहांपुर जा रहे कन्हैयालाल ने दुखी मन से अपना दुखड़ा सुनाया।

रोते हुए बताया कि वाहन नहीं चल रहे हैं, ऐसे में मजबूरी में पैदल जाने के सिवा दूसरा रास्ता नहीं था। अंत्येष्टि के लिए घर पर उनका इंतजार हो रहा है। अकेले कन्हैयालाल ही नहीं, लॉकडाउन के मद्देनजर आवागमन के साधन बंद होने से कई ऐसे लोग पैदल चलने को मजबूर हैं जो रोजी-रोटी के लिए बाहर रहते हैं और आकस्मिक परिस्थिति में घर लौट रहे। इटावा-फर्रुखाबाद मार्ग पर दो दिनों से कई लोग पैदल निकलते हुए किशनी (मैनपुरी) की तरफ जाते हुए देखे गए हैं।

कोई टिप्पणी नहीं

'; (function() { var dsq = document.createElement('script'); dsq.type = 'text/javascript'; dsq.async = true; dsq.src = '//' + disqus_shortname + '.disqus.com/embed.js'; (document.getElementsByTagName('head')[0] || document.getElementsByTagName('body')[0]).appendChild(dsq); })();