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मंगलवार, 24 मार्च 2020

योगी सरकार का बड़ा फैसला, 51 मेडिकल कॉलेजों में स्थापित होंगे COVID-19 अस्पताल

जानकारी के मुताबिक, 24 सरकारी और 27 निजी मेडिकल कॉलेजों में कोरोना वायरस (Corona Virus) को लेकर विशेष अस्पाल बनाने का फैसला किया गया है.
गाजीपुर न्यूज़ टीम, लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए बड़ा कदम उठाया है. योगी सरकार (Yogi Sarkar) ने 51 मेडिकल कॉलेजों (Medical Colleges) में कोविड-19 अस्पताल खोलने का फैसला किया है. जानकारी के मुताबिक, 24 सरकारी और 27 निजी मेडिकल कॉलेजों में कोरोना वायरस को लेकर विशेष अस्पाल बनाने का फैसला किया गया है. कहा जा रहा है कि इन 51 मेडिकल कॉलेजों में 4500 आइसोलेशन/ क्वारन्टाइन  बेड उपलब्ध हैं. लेकिन एक सप्ताह के अंदर इन्हें बढ़ाकर 11000 आइसोलेशन/ क्वारन्टाइन बेड की क्षमता करने के निर्देश दिए गए हैं.

बता दें कि कोरोना वायरस का खतरा देखते हुए यूपी के कई शहरों में लॉकडाउन के आदेश दिए गए हैं. इसी कड़ी में कोरोना वायरस के आशंकित मरीजों की संख्या बढ़ने पर मुरादाबाद जिला प्रशासन ने विदेश यात्रा से लौटने वाले 230 लोगों को नजरबंद कर लिया है. प्रशासन ने जिले में ऐसे सभी लोगों के घरों के बाहर कोविड-19 होम क्वारंटीन के पोस्टर चस्पा कर दिए हैं.

वहीं, लॉकडाउन के बाद भी प्रदेश के कई शहरों में लोग सड़कों पर घूम रहे हैं. ऐसे में यूपी पुलिस ने गाजियाबाद में 70 , लखनऊ में 52, कानपुर में 22 और प्रयागराज में 17 एफआईआर दर्ज की हैं. वहीं लखनऊ में लॉकडाउन उल्लंघन पर 45 वाहन सीज किए गए और 1345 वाहनों का चालान हुआ है. आज सुबह लॉकडाउन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों के बाद यूपी में 16 जिलों में ही सख्ती शुरू कर दी गई. जिसके बाद एफआईआर दर्ज करने का सिलसिला शुरू हो गया. सोमवार शाम को पुलिस कमिश्नर लखनऊ सुजीत पांडे और डीएम लखनऊ अभिषेक प्रकाश ने लॉकडाउन के लिए एक अनुदेश जारी किया.
पुलिस कमिश्नर लखनऊ सुजीत पांडे ने बताया कि आईपीसी की धारा 188/ 271 में एफआईआर दर्ज की जा रही है. पुलिस कमिश्नर के मुताबिक आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं से जुड़े लोगों को कार्रवाई से छूट दी है. स्वास्थ्य, मेडिकल शिक्षा, खाद्य आपूर्ति, बिजली, डाक विभाग जैसे कई विभागों को आवश्यक सेवाओं की श्रेणी में रखा गया है. वहीं खाने पीने की वस्तुएं, दूध, सब्जी, दवाई लाने की छूट दी गई है.

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