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गाजीपुर: छोटे व्यापारियों के लिए राहत पैकेज का ऐलान करे मोदी सरकार- सांसद अफजाल अंसारी

गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी ने मोदी सरकार से मांग रखी है कि अब छोटे व्‍यापारियों के लिए राहत पैकेज का ऐलान किया जाये, क्‍योंकि लॉकडाउन के चलते छोटे व्‍यापारियों के सामने अपना वजूद बचाने का संकट आ गया है। जहां एक तरफ किसानों के सामने विकट परिस्थितियां उत्‍पन्‍न हो गयी हैं वहीं दूसरी तरफ कल-कारखानों और निर्माण इकाइयों में काम करने वाले करोड़ों प्रवासी मजदूरों के सामने अब दो वक्‍त की रोटी नसीब होना भी बहुत मुश्‍किल हो गया है। वहीं छात्रों के भविष्‍य पर भी एक बड़ा प्रश्‍नवाचक चिह्न लग चुका है। ऐसी विकट परिस्थितियों में असंगठित क्षेत्र के मजदूरों और छोटे व्‍यापारियों के सामने संकट की घोर काली छाया जो उनके सामने भुखमरी की स्थिति परिलक्षित कर रही है। 

इस स्थिति में देश की व्‍यवस्‍था चलाने वाले को विचार करना चाहिए कि जब देश में जनता कर्फ्यू और फिर लॉकडाउन की घोषणा की गयी तब सम्‍पूर्ण देशवासियों ने इसे स्‍वीकार किया और विशेष रुप से छोटे व्‍यवसायियों ने तो इसका खुले दिल से स्‍वागत ही नही किया बल्कि उत्‍साह में ताली, थाली, घंटा, घडि़याल, बजाने और अपने घरों की रोशनी बुझाकर टार्च, मोमबत्‍ती, झालर, मोबाइल फ्लैश, तथा दीप जलाने की सजावट ऐसे किया मानो दिपावली का त्‍योहार मनाया जा रहा हो। किंतु आज यही छोटे व्‍यापारी हर तरफ से अपने को कर्ज के बोझ तले दबकर असहाय महसूस करके कराह रहे हैं। 

कितना अच्छा होता कि उनकी इस दयनीय स्थिति का अध्‍ययन करके सरकार की तरफ से संकट की इस घड़ी में उन्‍हे राहत प्रदान करने के लिए यदि लॉकडाउन की अवधि को और बढ़ाने के निर्णय के साथ ही साथ यह भी ऐलान कर दिया जाता कि अब बिजली का बिल, वाटर टैक्‍स, हाउस टैक्‍स, जीएसटी, भवनों के किराये और बैंकों के करेंट एकाउंट से कर्ज निकालकर व्‍यापार में लगाये गये धन का ब्‍याज अगले छह माह तक के लिए माफ कर दिया गया। क्‍योंकि इस वर्ग के पास न खेत है, न नौकरी है, न गाय-भैंस और इन्‍हे अपने परिवार के पालन के लिए मात्र अपनी दुकान और अपने व्‍यवसाय पर निर्भर रहना पड़ता है। 

इसी तरह गरीब प्रवासी असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए भी पेंशन के रुप में नकद धनराशि और उनके परिवार को खाने के लिए मुफ्त राशन बांटे जाने की व्‍यवस्‍था अगले छह महीने तक चलाये जाने की अवाश्‍यकता है। किसानों की उपज का लाभाकारी समर्थन मूल्‍य तत्‍काल भुगतान करके उनकी उपज क्रय कराये जाने की आवश्‍यकता है। भारत के हर नागरिक का कर्तव्‍य है कि संकट के इस घड़ी में धैर्य से काम लें और सोशल डिस्‍टेंसिंग तथा लॉकडाउन के नियमों का पालन करें।
 
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