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टिकटॉक, हेलो समेत 59 चीनी एप प्रतिबंधित किए जाने पर जनता ने जताई खुशी

गाजीपुर न्यूज़ टीम, टिकटॉक, हेलो और कैम स्कैनर सहित 59 चीनी ऐप भारत सरकार ने प्रतिबंधित कर दिए हैं। सरकार के इस कठोर कदम से जनता खुश है। जनता के साथ पुलिस कर्मियों ने भी खुशी जाहिर की है। टिकटॉक तो ऐसा ऐप था, जो बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का कारण बना था। दूसरों की देखादेखी पुलिस कर्मियों ने अपने वीडियो बनाकर वायरल किए थे। कई पुलिसकर्मियों का निलंबन तक हुआ था।

रेंज साइबर सेल में टिकटॉक से संबंधित कई अपराध आए थे। एक सराफा व्यापारी के परिवार में टिकटॉक ने बवाल करा दिया था। भतीजे ने चाचा का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया था। चाचा एक शादी में खाना खा रहा था। उसने इसी बात का मजाक बनाया था। यह बोला था कि गौर से देखिए इस आदमी को, ये हर शादी में बिन बुलाए मुफ्त की दावत खाने पहुंचता है। इस संबंध में मुकदमा दर्ज हुआ था। भतीजा गिरफ्तार तक हुआ था।

टिकटॉक वीडियो बनाने के चक्कर में कई लोगों की जान तक गई थी। यमुना एक्सप्रेस वे पर एक युवक का एक्सीडेंट हुआ था। वह पुल से नीचे गिर पड़ा था। उसकी मौत हो गई थी। एक युवक टिकटॉक बनाने के लिए ट्रेन पर चढ़ा था। करंट लगने पर गंभीर रूप से जल गया था। कुछ और मामले युवतियों और महिलाओं के चेहरे बिगाड़कर वीडियो वायरल करने के पुलिस तक पहुंचे थे।

रेंज साइबर सेल के प्रभारी शैलेष सिंह ने बताया कि टेक्नोलॉजी के फायदे हैं तो नुकसान भी हैं। पहले जब इंटरनेट नहीं था तो लोग मोबाइल का प्रयोग बात करने के लिए करते थे। ऐप के कारण लोगों को मोबाइल की लत लग गई। इनमें से एक-दो को छोड़ दिया जाए तो कोई ऐप काम का नहीं था। सभी लोगों को व्यस्त रखने के लिए बनाए गए थे।

साइबर एक्सपर्ट रक्षित टंडन ने सरकार के इस कदम को सराहनीय बताया है। उनका कहना है कि चीन बार्डर पर लड़ाई और देश में कमाई कर रहा था। पहली बार उसे जवाब मिला है। जनता साथ दे तो चीन को बिना जंग लड़े सबक सिखाया जा सकता है। लोगों को यह पता नहीं है कि कोई भी ऐप डाउनलोड करते समय आपके मोबाइल का पूरा डाटा कॉपी हो जाता है। लोग एप डाउन लोड करते समय कुछ पढ़ते नहीं हैं। सिर्फ यस करते चले जाते हैं। अभी तो चाइनीज मोबाइल भी प्रतिबंधित होने चाहिए। चाइना का सामान प्रतिबंधित हो जाएगा तो भारत में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

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