Today Breaking News

नीट टॉपर आकांक्षा की फेक आईडी बनाकर किया 'विवादित' ट्वीट, मां बोलीं-'सख्‍त कार्यवाही करे पुलिस'

गाजीपुर न्यूज़ टीम, कुशीनगर. सोशल मीडिया में नफरत का जहर फैलाने वालों ने अब नीट-2020 की सेकेंड टॉपर आकांक्षा के नाम और तस्‍वीर का इस्‍तेमाल किया है। उसके नाम से ट्विटर पर एक फर्जी आईडी बनाकर किसी ने दो विवादित टिप्‍पणियां की हैं। इस हरकत से टॉपर और उसका परिवार हैरान है। आकांक्षा के पैरेंट्स ने ऐसा करने वाले खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की है। 

आकांक्षा की शिक्षिका मां रुचि सिंह ने मामले की शिकायत पुलिस से करने की बात कही है। उन्‍होंने इसे विवाद पैदा करने की साजिश करार दिया है। नीट टॉपर होने के बाद आकांक्षा के घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। सांसद विजय कुमार दुबे व विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी भी बधाई देने पहुंचे थे। रविवार को आकांक्षा के नाम से फर्जी ट्विटर एकाउंट बनाकर दो पोस्ट किए गए हैं। यह एकाउंट अक्टूबर माह में ही बनाया गया है। पहले पोस्ट के माध्यम से लिखा गया है कि मैं कभी भी सोशल मीडिया पर नहीं थी, आज मुझे बहुत ही दुखी मन से सोशल मीडिया ज्वाइन करनी पड़ी है। जो भी हुआ वह मेरे साथ यह एक नाइंसाफी है। मेहनत मैंने भी की, सफल तो मैं भी हुई।


वहीं दूसरे पोस्ट में लिखा है कि नीट परीक्षा को टॉप मैंने भी किया है। इसमें दूसरे टॉपर के नाम का जिक्र करते हुए विवादित बातें कही गयी हैं। इस मामले की परिवार को जानकारी भी नहीं थी। सोशल मीडिया पर सक्रिय कुछ परिचित लोगों से आकांक्षा की मां रुचि सिंह को रविवार को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कुछ लोगों की साजिश है। बेटी के पास मोबाइल नहीं है। उसका सोशल मीडिया पर कोई अकाउंट भी नहीं है। ऐसे में बेटी को बदनाम के लिए इस तरह के फर्जी अकाउंट बनाकर विवादित पोस्ट किया गया है। इसकी शिकायत पुलिस से की है।


आकांक्षा को मिले हैं 100% मार्क्‍स

आकांक्षा सिंह ने 720 में 720 अंक प्राप्त किए हैंं। बोर्ड ने उसे सेकेंड टॉपर घोषित किया है। समान अंक पाने वाले शोयब आफताब को उम्र की वजह से फर्स्‍ट टॉपर घोषित किया गया है। 


अभी तक पढ़ाई में मोबाइल का इस्‍तेमाल नहीं किया 

टॉपर आकांक्षा की मां रुचि सिंह ने बताया कि उनकी बेटी ने आज तक पढ़ाई के दौरान मोबाइल तक का इस्‍तेमाल नहीं किया है। ऐसे में ट्विटर पर उसके होने का सवाल ही नहीं उठता है। मां का कहना है कि इसके पीछे जरूर कोई साजिश है। फर्जी ट्विटर अकाउंट बनाकर छवि खराब करने की कोशिश है।  प्रभारी निरीक्षक राम आशीष यादव ने साइबर सेल से मामले की जांच कराकर दोषी के खिलाफ कार्यवाही की बात कही है। 

 
 '