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चंदौली में फर्जी एआरटीओ कार्यालय का भंडाफोड़, गाड़ियों के जाली कागजात बरामद

गाजीपुर न्यूज़ टीम, चंदौली. चंदौली में अलीनगर थाना पुलिस और स्वाट टीम ने सहायक संभागीय परिवहन दफ्तर के समीप कटरा में काफी दिनों से फर्जी ढंग से संचालित एआरटीओ कार्यालय का भंडाफोड़ किया है। सोमवार को छापेमारी कार्रवाई के दौरान टीम ने लैपटाप, प्रिंटर, मोहर, विभिन्न कम्पनियों के इंश्योरेंस पेपर समेत वाहनों के नकली कागजात बरामद किया है। चार जालसाजों को गिरफ्तार किया गया है।एएसपी प्रेमचंद ने मंगलवार को मामले का खुलासा किया।

उन्होंने बताया कि पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी दफ्तर के पास फर्जी एआरटीओ कार्यालय संचालित हो रहा है। जालसाज चालकों से मोटी रकम लेकर वाहनों के फर्जी दस्तावेज बनाते हैं। पुलिस ने सर्विलांस व अन्य स्रोत से पड़ताल की, तो इसकी पुष्टि हुई। इसपर पुलिस और स्वाट टीम ने सोमवार को एआरटीओ कार्यालय के समीप कटरे में दुकानों में छापेमारी की।


इसकी भनक लगते ही कई दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर फरार हो गए। टीम ने चार जालसाजों को धरदबोचा। दुकान की तलाशी में चार लैपटाप, दो प्रिंटर, दो मोहर, 400 स्टांप पेपर, चार जाली इंश्योरेंस पेपर, 24 रजिस्ट्ररेशन पेपर, एक ड्राइविंग लाइसेंस, 18 आधार कार्ड, 16 वाहन फिटनेस सर्टिफिकेट, दो मेडिकल सर्टिफिकेट बरामद किए गए। आरोपित जालसाज पीडीडीयू नगर के कसाब महाल निवासी फुरकान आलम, लौंदा गांव निवासी नाजिम अहमद, बबुरी थाना क्षेत्र के बौरी गांव निवासी प्रह्लाद विश्वकर्मा व अलीनगर निवासी शुभम शामिल हैं।


आरोपितों ने कड़ाई से पूछताछ में लंबे समय से वाहनों के जाली कागजात बनाने की संलिप्तता स्वीकार की है। चालकों से मोटी रकम लेकर फर्जी कागजात बनाते थे। नया मोटर वाहन अधिनियम लागू होने के बाद फर्जी काम जोर पकड़ता जा रहा था। आरोपितों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार करने वाली टीम में अलीनगर एसओ संतोष सिंह, सर्विलांस प्रभारी अतुल नारायण सिंह व स्वाट टीम प्रभारी अभय सिंह के अलावा चौकी प्रभारी लौंदा सत्यनारायण शुक्ला, स्वाट टीम एसआई अमित कुमार, कांस्टेबल विवेकानंद सिंह, धर्मेंद्र यादव, उमाकांत, आनंद सिंह, प्रमोद सिंह, आनंद कुमार, प्रेमप्रकाश यादव, देवेंद्र कुमार, अमृतांशु मिश्रा शामिल रहे। 

 

पहले भी पकड़े गए हैं जालसाज 

एआरटीओ कार्यालय के समीप फर्जी कागजात बनाने का गोरखधंधा वर्षाें से फलफूल रहा है। लगभग डेढ़ साल तत्कालीन सीओ सदर त्रिपुरारी पांडेय ने फर्जी कागजात बनाने के आरोप में पकड़े गए थे। उस वक्त भी बड़ी संख्या फर्जी कागजात, कई राज्यों के अधिकारियों के फर्जी मोहर आदि बरामद हुई थी।वहीं दो साल पहले नौबतपुर बार्डर पर भी फर्जी एआरटीओ दफ्तर के संचालन का भंडाफोड़ हो चुका है। अफसोस इसके बाद भी फर्जीवाड़े पर रोक नहीं लग रही है। जबकि एआरटीओ कार्यालय हाईवे किनारे संचालित  हैं। जहां से आए दिन आलाधिकारियों का काफिला गुजरता है। यहां तक कि एआरटीओ के साथ ही विभागीय कर्मचारियों तक इसकी भनक नहीं होने पर सवाल उठने लगे हैं।

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