Ghazipur: पहली बार सामान्य महिला के लिए आरक्षित हुई जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी
गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पहली बार सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित हुई है। अभी तक पिछड़ा वर्ग महिला, सामान्य व पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति महिला के लिए ही जिला पंचायत अध्यक्ष का पद आरक्षित रहा। पहली बार सामान्य महिला के लिए अध्यक्ष पद आरक्षित किया गया है। इससे बहुत से लोगों का समीकरण तो बिगड़ा ही है, वहीं अब बहुतों को अपनी किस्मत आजमाने का भी मौका मिल जाएगा। हालांकि पिछले 25 सालों में पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह को छोड़ हर बार पिछड़ी जाति से ताल्लुक रखने वाले ही अध्यक्ष रहे हैं।
25 साल से यह कुर्सी सपा के कब्जे में है। वर्ष 1995 पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित था और डा. सीमा यादव जिला पंचायत की अध्यक्ष रहीं। इसके बाद 2000 से 2005 तक सामान्य सीट पर राधेमोहन सिंह। 2005 से 2010 तक पिछड़ा वर्ग महिला पर बीना यादव ने परचम लहराया। 2010 में जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी अनुसूचित महिला के लिए आरक्षित हो गई और गीता पासी अध्यक्ष चुनी गईं। हालांकि बीच में ही सदन में विश्वास मत नहीं हासिल कर पाने के कारण पंचरत्नी देवी इस पद पर आसीन हुईं। 2015 में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हुआ और विरेंद्र यादव जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुए। इसके बाद वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में जंगीपुर विधायक चुने जाने के बाद इन्होंने इस्तीफा दे दिया। फिर आशा देवी ने 67 में 58 वोट पाकर जिले की प्रथम नागरिक चुनी गईं। शुक्रवार को शासन द्वारा सामान्य महिला के जिपं अध्यक्ष की कुर्सी आरक्षित किए जाने के बाद न सिर्फ चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है, बल्कि जिले की 67 जिला पंचायत सदस्यों की सीटों के आरक्षण पर भी राजनीतिक दलों की निगाहें टिकी हुईं हैं।
