पंचायत चुनाव आरक्षण ने पूर्वांचल के बाहुबलियों के मंसूबों पर फेरा पानी, माननीय बनने का सपना चूर
गाजीपुर न्यूज़ टीम, वाराणसी. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षण की स्थिति साफ हो चुकी है। नए आरक्षण से जहां कई का अपनों को माननीय बनाने का सपना चकनाचूर हो चुका है तो कुछ की बाछें खिल उठी हैं। कारण कि सीटों के आरक्षण का परिदृश्य बदल चुका है। पूर्वांचल के सभी जिलों में जिला पंचायत पर बाहुबलियों का कब्जा रहा है। सेंट्रल जेल में निरुद्ध एमएलसी बृजेश सिंह व उनके परिवार का वाराणसी जिला पंचायत में दबदबा है तो गाजीपुर व मऊ में पंजाब की जेल में निरुद्ध विधायक मुख्तार अंसारी का। आजमगढ़ में बाहुबली रमाकांत यादव व माफिया ध्रुव कुमार सिंह कुंटू का वर्चस्व एक बार फिर देखने को मिल सकता है। जौनपुर में पूर्व सांसद धनंजय सिंह अपना दबदबा कायम करने के लिए एड़ी चोटी एक किए हैं। हालांकि इस समय धनंजय नैनी जेल में निरुद्ध है।
उधर, भदोही जिला पंचायत चुनाव में एमएलसी बृजेश सिंह के बेटे सिद्धार्थ सिंह ने अपनी दस्तक तो दी, लेकिन भाजपा से जिस सीट पर आवेदन किया वह आरक्षित हो गई। उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह ने बीजेपी से चुनाव लडऩे के लिए टिकट की मांग करते हुए पार्टी कार्यालय में आवेदन किया था। माना जा रहा है कि बृजेश सिंह की निगाह जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर थी, जो अब दूसरे कोटे में चली गई है।
गौरतलब है कि भदोही जिला पंचायत पर अधिकतर बाहुबली विधायक विजय मिश्रा का कब्जा रहा है। फिलहाल विधायक आगरा जेल में निरुद्ध हैं और यहां की सीट आरक्षित होने के कारण उनकी निगाह अब दूसरी जिलों की सीटों पर है। भदोही से बीजेपी विधायक रविंद्र नाथ त्रिपाठी की भी जिला पंचायत चुनाव में काफी रुचि है। उनके भाई अनिरुद्ध तिवारी और बहू दिव्या तिवारी अलग-अलग सीटों से बीजेपी से चुनाव लडऩा चाहते हैं और इसके लिए पार्टी कार्यालय में आवेदन भी कर दिया है।
गैंगस्टर भी अपनों की कर रहे पैरवी
जेल में बंद कई गैंगस्टर पंचायत चुनाव में अपने या अपनों के लिए जोर आजमाइश की रणनीति बना रहे हैं। सुजीत सिंह बेलवा, सिज्जन यादव सहित कई गैंगस्टर अपने परिवार के लोगों को पंचायत चुनाव लड़ाने की तैयारी में हैं। इनका जिला पंचायत में दबदबा है।
चुनाव से पहले बदली जेल
विधायक मुख्तार अंसारी की मुसीबतें पंचायत चुनाव में और भी बढऩे वाली है। मुख्तार के गिरोह से जुड़े अपराधियों की लगातार निगरानी हो रही है। इसी क्रम में जिला जेल में निरुद्ध मेराज अहमद को चित्रकूट जेल स्थानांतरित किया गया है। लंका थाने के हिस्ट्रीशीटर अशोक यादव को कासगंज, पंकज चौबे को उन्नाव, प्रयागराज के आशीष और औराई निवासी रोशन सिंह को सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया है।
