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बनारस में तोड़फोड़ और आगजनी करने पर 27 उपद्रवी गिरफ्तार, CCTV से हो रहे चिह्नित

गाजीपुर न्यूज़ टीम, वाराणसी. सेना भर्ती के नए प्रारूप अग्निपथ के विरोध की आंच शुक्रवार को रही। इस दौरान कुल 27 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। सीसीटीवी कैमरे से प्रदर्शन करने वालों को चिह्नित भी किया जा रहा है। इस मामले में कुल 28 आरोपितों तथा 50 अज्ञात के खिलाफ चार मुकदमे कैंट, सिगरा व जैतपुरा थाने में दर्ज किए गए हैं।

करीब चार घंटे तक जारी उपद्रव के बाद उपद्रवियों को खदेड़ कर पुलिस ने शांति बहाल की। हंगामा व बवाल वाले इलाके कैंट, रोडवेज, चौकाघाट में आरएएफ, आरपीएफ, पीएसी व पुलिस फोर्स तैनात हैं। स्टेशनों को पुलिस ने अपने नियंत्रण में ले लिया है। हालांकि, इस दौरान उपद्रवियों को शांत कराने में पुलिस प्रशासन के पसीने छूट गए। पुलिस व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी सड़क पर उतरकर युवाओं को समझाने में जुटे थे।

ये हुए गिरफ्तार

सिगरा पुलिस द्वारा गाजीपुर के सादात थानांतर्गत पचरुखवा निवासी गोविंद यादव, जौनपुर के सुजानगंज थानांतर्गत नगौली निवासी विजय कुमार, जौनपुर के केराकत थानांतर्गत सैदखानपुर निवासी वकील यादव, जौनपुर के चंदवक के गोबरा निवासी सूरज यादव, आजमगढ़ के तरवा राशेपुर निवासी मोनू यादव, चोलापुर के हथियर निवासी धीरज यादव, चोलापुर के हाजीपुर निवासी दीपक चौहान उर्फ अनुज, रोहनिया थानांतर्गत मुड़ादेव निवासी विनोद पाल व चोलापुर के देवराई निवासी मोहम्मद सरफराज को गिरफ्तार किया गया। 

इसके अलावा कैंट पुलिस ने आजमगढ़ के बिलरियागंज निवासी अंकित पाल, विवेक यादव, सोनू कुमार, अकबरपुर निवासी मनीष कुमार, सिंधोरा के मुर्दि गरथमा निवासी चंदन यादव, रवींद्रनाथ यादव, गरथमा निवासी ज्ञानेंद्र यादव, विशाल यादव, शुभम यादव को गिरफ्तार किया। पूछताछ में साजिशकर्ता के तौर पर राहुल राज का नाम सामने आया। 

जैतपुरा पुलिस ने जौनपुर के बहरीपुर निवासी नवनीत यादव, जौनपुर के ताला मझवारा के चंदन यादव, जौनपुर के भगरी निवासी अभिषेक यादव, जौनपुर के ख्वाजापुर निवासी राहुल पाल, चोलापुर निवासी फैजान अहमद, मऊ रानीपुर निवासी आशीष चौहान, जौनपुर के बराई सुजानगंज निवासी सूरज दुबे, गाजीपुर के दुल्लहपुर नवासी सुजीत पांडेय, चोलापुर गोसाईपुर निवासी आदित्य यादव को गिरफ्तार किया। इनके खिलाफ बलवा, जान लेवा हमला, सरकारी काम में बाधा, सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण समेत विभिन्न गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है।

जानकारी के अनुसार अग्निपथ के विरोध में गुरुवार की रात प्रदर्शनकारी शहर में दाखिल हो गए थे। इनमें से बड़ी संख्या में लड़के काशी विद्यापीठ तो कुछ अन्य स्थानों पर रुके थे। सुबह होते ही चौकाघाट स्टैंड से बड़ी संख्या में युवा अंधरापुल होते हुए कैंट स्टेशन की तरफ आगे बढ़े। रोडवेज के पास उपद्रव किया। इसके बाद कैंट स्टेशन परिसर स्थित गेट नंबर एक पर पहुंचे। यहां हाथ में संदेश लिखीं तख्तियां लेकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। 

माहौल बिगड़ते देख आरपीएफ, जीआरपी और जिला पुलिस ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान किसी बात को लेकर युवा उग्र हो गए। सड़क पर निकलते ही गाडिय़ों को निशाना बनाते हुए युवाओं का समूह काशी विद्यापीठ रोड की तरफ निकल पड़ा। इस दौरान सीमित फोर्स लड़कों के सामने असहाय नजर आई। लड़कों ने पथराव कर दुकानों को बंद कराना शुरु कर दिया। रोडवेज सिटी बस और सोनभद्र डिपो की बस पर पथराव कर शीशा तोड़ दिया। चालक को भी चोट आई है।

छात्रों की भीड़ में शामिल उन्मादियों की साजिश बलिया की तरह वाराणसी में भी ट्रेन की बोगी को आग लगाने की थी। हालांकि रेलवे प्रशासन बुद्धिमता का परिचय देते हुए इस अनहोनी को रोक लिया। लिहाजा, रेलवे यार्ड के ट्रैक पर आग लगाने से ज्यादा कुछ न कर सके।

पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत सेना भर्ती के अभ्यर्थियो ने पूर्वांचल के कई जिलों में प्रदर्शन किया। बलिया स्टेशन पर निस्प्रयोज्य बोगी को आग के हवाले कर दिया। इसी कड़ी में आंदोलित छात्रों की भीड़ में शामिल उन्मादियो ने कैंट स्टेशन पर भी ट्रेन अथवा बोगी को जलाने की योजना बनाई थी। हालाकि समय रहते स्थानीय प्रशासन अलर्ट हो गया था। कैंट स्टेशन पर दस बजे के बाद ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया। स्टेशन निदेशक आनंद मोहन के निर्देश पर गाडियां प्लेटफार्म पर ही खड़ी कर दी गई। वहीं, जिला पुलिस की मदद से लड़को को स्टेशन परिसर में आने से रोक दिया गया।

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