Today Breaking News

आय से अधिक संपत्ति में निलंबित IAS रामबिलास के ट्रस्ट तक पहुंची जांच की आंच - Ghazipur News

गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. देहरादून के निलंबित आइएएस रामबिलास यादव की आय से अधिक संपत्ति की जांच का दायरा उनके परेवा तक पहुंच गया है। सतर्कता अधिष्ठान देहरादून के एसपी की नोटिस पर रामकरन स्व. दादा ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों व उनके करीबियों ने लखनऊ पहुंचकर बयान दर्ज कराए। ट्रस्ट की आमदनी को लेकर पदाधिकारियों से सवाल जवाब किए गए। इसके बाद से आइएएस के करीबियों और ट्रस्ट से जुड़े लोगों में खलबली मची हुई है।

उत्तराखंड के देहरादून में तैनात रहे परेवा निवासी आइएएस रामबिलास यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले की देहरादून सतर्कता अधिष्ठान के स्तर से जांच चल रही है। उत्तराखंड शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया है। विजिलेंस ने पूछताछ के बाद आइएएस को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद सतर्कता विभाग की जांच जारी है। पीछे टीम ने परेवा में आइएएस के फार्म हाउस पर पहुंचकर जांच की थी। 

दरअसल, आइएएस ने स्व. रामकरन दादा मेमोरियल ट्रस्ट के नाम पर काफी धन अपने फार्म हाउस में खपाया है। जांच में यह भी पता चला कि कई जमीन उन्होंने दान में और कुछ फेरबदल में ली है। अध्यक्ष होने के नाते सर्वेसर्वा रामबिलास यादव ही देखते थे। उन्होंने गांव के कुछ लोगों को अपने ट्रस्ट में सदस्य बना रखा है। इसके बाद सतर्कता अधिष्ठान देहरादून के पुलिस अधीक्षक ने नोटिस जारी कर उनके करीबियों को बयान के लिए बुलाया था, लेकिन करीबी नियत तिथि पर उपस्थित नहीं हुए। 

नियत तिथि पर उपस्थित न होने पर एसपी ने दोबारा 25 जुलाई को नोटिस जारी उत्तराखंड भवन लखनऊ में बयान दर्ज कराने के लिए 27 जुलाई की तिथि निर्धारित की थी। इसके बाद आइएएस की कोठी की देखरेख करने वाले उनके करीबी शशिकांत यादव, भोला यादव, देवशरण यादव, मोती यादव, श्यामराज सिंह व इंदु निवासी महमूदपुर आदि ने 27 जुलाई को लखनऊ पहुंचकर बयान दर्ज कराया।

उधर, रामकरन दादा ट्रस्ट के महामंत्री मोती यादव का कहना है कि सतर्कता अधिष्ठान ने ट्रस्ट से जुड़ी जानकारी के बारे में पूछताछ के लिए लखनऊ बुलाया था। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने पहुंचकर अपना बयान दर्ज करा दिया है।पूर्व प्रधान देवशरण यादव का कहना है कि ट्रस्ट में सदस्य होने के नाते लखनऊ बुलाकर पूछताछ की।