गाजीपुर में स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान 30 जनवरी से 13 फरवरी तक
ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. गाजीपुर के मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुनील पाण्डेय ने मंगलवार को बताया कि महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 30 जनवरी को राष्ट्रीय कुष्ठ निवारण दिवस मनाया जाएगा।
इसके साथ ही, 30 जनवरी से 13 फरवरी 2026 तक स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान जनपद की सभी ग्राम सभाओं, पंचायतों और नगरीय वार्डों में संचालित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य आम लोगों को कुष्ठ रोग के प्रति जागरूक करना है।
सीएमओ ने जानकारी दी कि कुष्ठ रोग माइक्रोबैक्टीरियम लैप्रो नामक जीवाणु से होता है। यह न तो जन्मजात है और न ही पैतृक रोग। इसके प्रमुख लक्षणों में त्वचा पर हल्के रंग का दाग या उभरा हुआ निशान जिसमें सुन्नता हो, हाथ-पैर की नसों में मोटापन, झनझनाहट और तलवों में सुन्नपन शामिल हैं। उन्होंने बताया कि एमडीटी (मल्टी ड्रग थेरेपी) दवा से कुष्ठ रोग पूरी तरह ठीक हो सकता है और समय पर उपचार शुरू होने से विकलांगता से बचाव संभव है।
डॉ. पाण्डेय ने बताया कि कुष्ठ से विकलांग हुए रोगियों के लिए निःशुल्क सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है। सर्जरी के बाद उन्हें 12 हजार रुपये का मानदेय भी दिया जाता है। नए कुष्ठ रोगियों को जांच के लिए स्वास्थ्य केंद्र लाने पर, यदि रोग की पुष्टि होती है, तो आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या अन्य व्यक्ति को 250 रुपये का मानदेय दिया जाता है। विकलांगता पाए जाने पर यह राशि 200 रुपये निर्धारित है। उन्होंने आमजन से अपील की कि कुष्ठ रोग को अभिशाप न समझें और समय पर जांच व उपचार कराकर इसे जड़ से समाप्त करने में सहयोग करें।
