गाजीपुर में करोड़ों की ठगी केस में फरार आरोपियों के घर नोटिस चस्पा
ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. गाजीपुर के जमानियां में करोड़ों रुपये की नौकरी दिलाने के नाम पर हुई ठगी के मामले में पुलिस ने फरार आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बुधवार को न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने दो आरोपियों के घरों पर बीएनएस की धारा 84 के तहत कुर्की की नोटिस चस्पा की। इस दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों से उद्घोषणा कर उन्हें आत्मसमर्पण की चेतावनी भी दी गई।
यह कार्रवाई जेएम कोर्ट-7 के निर्देश पर की गई है। जिन आरोपियों के घरों पर नोटिस चस्पा की गई है, उनमें गहमर थाना क्षेत्र के गहमर निवासी कृष्णा उपाध्याय और दिलदारनगर थाना क्षेत्र के उसियां गांव निवासी फैयाज खान शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उद्घोषणा के दौरान आरोपियों को चेतावनी दी गई है। यदि वे जल्द न्यायालय या पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो उनकी चल एवं अचल संपत्तियों की कुर्की और जब्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
यह मामला वर्ष 2024 का है, जब एक अंतरराज्यीय ठग गिरोह ने बिहार सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर दर्जनों युवाओं से करोड़ों रुपये की ठगी की थी। इस प्रकरण में मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच में कई नाम सामने आए थे।
जिन दो आरोपियों के घरों पर नोटिस चस्पा की गई है, उनमें से कृष्णा उपाध्याय के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई भी हो चुकी है और वह वर्तमान में फरार है। वहीं, फैयाज खान फिलहाल जमानत पर है।
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का सरगना नगदीलपुर निवासी और "बक्सू बाबा एकेडमी" का संचालक विनोद गुप्ता है। वह वर्तमान में वाराणसी सेंट्रल जेल में बंद है। पुलिस का कहना है कि उसी के नेतृत्व में इस संगठित ठगी नेटवर्क का संचालन किया जा रहा था।
प्रभारी निरीक्षक राजू दिवाकर ने बताया कि यह कार्रवाई न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आरोपियों ने जल्द आत्मसमर्पण नहीं किया, तो उनके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई करते हुए संपत्तियों की कुर्की सुनिश्चित की जाएगी।
