अफजाल अंसारी की बेटी नुसरत की कुर्क संपत्ति रिलीज मामले में अगली सुनवाई 26 मई को
ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, प्रयागराज. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गैंग्सटर एक्ट में कुर्क संपत्ति रिलीज करने संबंधी मामले में राज्य सरकार की आपराधिक अपील को सपा सांसद अफजाल अंसारी की बेटी नुसरत अंसारी की याचिका के साथ संबद्ध करने का निर्देश दिया है। प्रकरण में अगली सुनवाई 26 मई को होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय एवं न्यायमूर्ति जय कृष्ण उपाध्याय की खंडपीठ ने नुसरत अंसारी व तीन अन्य की याचिका पर उनके अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय को सुन कर दिया है।
गाजीपुर की विशेष अदालत ने उत्तर प्रदेश गैंग्स्टर और असामाजिक क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम 1986 की धारा 14 के तहत कुर्क नुसरत अंसारी की संपत्ति रिलीज करने वाले प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद 31 जुलाई 2025 को संपत्ति की कुर्की के आदेश को निरस्त कर दिया था और उसे रिलीज करने का निर्देश दिया था।
कोर्ट ने यह भी कहा था कि संपत्ति को आदेश के 30 दिनों के बाद ही रिलीज किया जाए। नुसरत अंसारी व अन्य ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि विशेष अदालत के आदेश के बावजूद अब तक उनकी संपत्ति को रिलीज नहीं किया गया है।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जवाबी हलफनामा दाखिल कर बताया गया कि राज्य सरकार ने विशेष अदालत के 31 जुलाई 2025 के आदेश के खिलाफ गैंग्सटर एक्ट की धारा 18 के तहत पहले ही अपील दाखिल कर दी है।
जब तक अपील का अंतिम निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक संपत्ति रिलीज न की जाए। इस पर याचियों के अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने कहा कि उनके मुवक्किल ने विशेष अदालत के समक्ष पहले ही वचनपत्र दे रखा है कि वे इस संपत्ति को न बेचेंगे न दान करेंगे और न ही इसे बंधक रखेंगे या किसी अन्य रूप में ट्रांसफर करेंगे।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद खंडपीठ ने कहा कि न्यायहित में यही उचित है कि दोनों मामलों की सुनवाई एकसाथ की जाए। इसके लिए कोर्ट ने मामले को मुख्य न्यायमूर्ति के समक्ष भेजने का निर्देश दिया है ताकि सुनवाई के लिए बेंच नामित की जा सके। कोर्ट ने मामले को 26 मई को फ्रेश केस के रूप में नामित बेंच के सामने पेश करने का निर्देश दिया है।
