गाजीपुर में 15 फीट खंभे से गिरकर संविदाकर्मी की मौत, शव रखकर एक घंटे तक सड़क जाम
ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. गाजीपुर में शनिवार सुबह करीब 9 बजे बिजली लाइन की मरम्मत के दौरान 30 साल के संविदाकर्मी की करंट लगने से मौत हो गई। घटना से नाराज परिजन शव को खानपुर पावर हाउस के सामने बिहारीगंज-खानपुर मार्ग पर शव रखकर करीब एक घंटे तक सड़क जाम कर दिया। करंट लगते ही संविदाकर्मी करीब 15 फीट ऊंचे बिजली के पोल से नीचे गिर पड़े थे।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। मौके पर स्थानीय खानपुर थाना और सैदपुर कोतवाली की पुलिस तैनात रही। लगभग दो दर्जन पुलिसकर्मी कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटे रहे। इस दौरान करीब 150 ग्रामीण सड़क पर एकत्र होकर प्रदर्शन करते रहे।
पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी। इसके बाद पुलिसकर्मी शव को अपनी कस्टडी में लेकर पोस्टमार्टम कराने ले गए हैं। उनके साथ युवक के परिजन भी मौजूद हैं। परिजनों का आरोप है कि शटडाउन लेने के बावजूद बिजली आपूर्ति चालू कर दी गई, जिससे यह हादसा हो गया। एसडीएम के कार्रवाई और मुआवजे के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
खानपुर थाना क्षेत्र के बहुरा मढई गांव निवासी धर्मेंद्र यादव उर्फ वकील (30) संविदा पर विद्युत विभाग में कार्यरत थे। शनिवार सुबह करीब नौ बजे वह अहलादपुर गांव में बिजली के पोल पर चढ़कर लाइन की मरम्मत कर रहे थे। इसी दौरान अचानक लाइन में करंट दौड़ गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गए।
परिजनों का आरोप है कि मरम्मत कार्य शुरू करने से पहले शटडाउन लिया गया था, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते बिजली आपूर्ति दोबारा चालू कर दी गई। करंट लगने से धर्मेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। उन्होंने खानपुर पावर हाउस के सामने बिहारीगंज-खानपुर मार्ग पर शव रखकर सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने दोषी विद्युत कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की।
सूचना पर खानपुर थाना प्रभारी राजीव कुमार मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शन जारी रहा। बाद में पुलिस क्षेत्राधिकारी रामकृष्ण तिवारी और सैदपुर कोतवाली प्रभारी अनिल कुमार सिंह भी पहुंचे, लेकिन ग्रामीण नहीं माने।
स्थिति तब सामान्य हुई जब सैदपुर एसडीएम ज्योति चौरसिया मौके पर पहुंचीं। उन्होंने परिजनों को आश्वासन दिया कि तहरीर मिलने पर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी तथा शासन की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया।
विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ आक्रोशित युवकों ने बिजली विभाग के कार्यालय परिसर में खड़ी एक दोपहिया वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सुबह 8:30 बजे लिया था शटडाउन, फिर भी चालू हो गई बिजली सप्लाई
परिजनों के अनुसार, धर्मेंद्र यादव ने शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे खानपुर फीडर कार्यालय पर तैनात विद्युत कर्मी प्रभु कुमार से मोबाइल फोन के माध्यम से शटडाउन लिया था। इसके बाद वह अहलादपुर गांव में बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए पोल पर चढ़कर लाइन की मरम्मत कर रहे थे। आरोप है कि मरम्मत कार्य के दौरान अचानक लाइन में बिजली आपूर्ति चालू कर दी गई, जिससे उन्हें तेज करंट का झटका लगा।
करंट लगते ही धर्मेंद्र करीब 15 फीट ऊंचे बिजली के पोल से नीचे गिर पड़े। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खानपुर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय स्थित पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया।
धर्मेंद्र ही थे परिवार का सहारा, डेढ़ माह पहले बेटे का जन्म
परिजनों ने बताया कि धर्मेंद्र ही पूरे परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी संभालते थे। उनके बड़े भाई जितेंद्र पिता के साथ खेती-बाड़ी करते हैं। धर्मेंद्र की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।धर्मेंद्र यादव दो भाइयों में छोटे थे। उनके परिवार में पत्नी राधिका, दो वर्ष की बेटी श्रेयांशी और डेढ़ माह का एक बेटा है। बेटे के जन्म की खुशियां अभी फीकी भी नहीं पड़ी थीं कि हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। घटना के बाद पिता रामअवध यादव, मां भवानी देवी, पत्नी और बड़े भाई जितेंद्र यादव का रो-रोकर बुरा हाल है।
बिजली वितरण खंड तृतीय के एसडीओ ए.के. सिंह ने बताया…
घटना की जानकारी मिली है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सैदपुर एसडीएम ज्योति चौरसिया ने बताया…
मृतक के परिजनों को शासन की ओर से अनुमन्य आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि परिजन लिखित तहरीर देते हैं तो पुलिस नियमानुसार मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच करेगी। वहीं पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी
