गाजीपुर जिलाधिकारी ने UPTET परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया, व्यवस्थाएं जांचीं
ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. गाजीपुर के मुहम्मदाबाद में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला और पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बुधवार को उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) केंद्रों और एक गौशाला का संयुक्त निरीक्षण किया। उन्होंने परीक्षा को शांतिपूर्ण और नकलविहीन संपन्न कराने के निर्देश दिए, साथ ही गौशाला संचालन में लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की।
यह निरीक्षण 02, 03 और 04 जुलाई, 2026 को आयोजित होने वाली UPTET-2026 लिखित परीक्षा की तैयारियों के संबंध में किया गया। इसका उद्देश्य परीक्षा को शांतिपूर्ण, निर्विघ्न और सकुशल संपन्न कराना है।
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने अष्ट शहीद इंटर कॉलेज और डॉ. एम. ए. अंसारी इंटर कॉलेज, यूसुफपुर, मुहम्मदाबाद स्थित परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया। उन्होंने मूलभूत सुविधाओं जैसे बैठने की व्यवस्था, प्रकाश, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था का गहनता से अवलोकन किया।
उपस्थित कक्ष निरीक्षकों की बैठक के बाद उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कक्ष निरीक्षकों और सेक्टर मजिस्ट्रेटों को परीक्षा संचालन संबंधी गाइडलाइन के बारे में विस्तार से बताया और पूरी सतर्कता बरतने तथा किसी भी अनुचित गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने और परीक्षा अवधि के दौरान आसपास शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। किसी भी अफवाह या अव्यवस्था पर तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान कठउत गौशाला के संचालन में लापरवाही पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने प्रशासक पद पर तैनात प्रधान को पद से हटाने की कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी डॉ. हर्षिता तिवारी और क्षेत्राधिकारी सुधाकर पांडेय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी नेअस्थाई गौशाला नगर पालिका परिषद एवं स्थाई गौशाला कठऊत का औचक निरीक्षण किया । स्थाई गौशाला कठऊत के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गोवंशों के लिए भूसा, पानी, हरे चारे की उपलब्धता, पशुओं की देखभाल एवं साफ-सफाई व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने पशुओं के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी संबंधित अधिकारियों से प्राप्त की।
निरीक्षण में हरे चारे की व्यवस्था पशुओं की आवश्यकता के सापेक्ष अत्यंत कम पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने गौशाला में पशुओं की मृत्यु होने की स्थिति में उनके निस्तारण एवं दफनाने की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। निर्देशित किया कि जिस स्थान पर मृत पशुओं को दफनाया जाता है, उस स्थान को ब्रैकेटिंग कर सुरक्षित रखा जाए, जिससे व्यवस्था व्यवस्थित एवं सुरक्षित बनी रहे।
गौशाला में प्रकाश व्यवस्था की कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को गौशाला परिसर में सोलर पैनल लगाने के निर्देश दिए, ताकि रात्रि के समय पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। जिलाधिकारी ने गौशाला संचालन में लापरवाही पाए जाने पर प्रशासक पद पर तैनात प्रधान को पद से पदच्युत करने की कार्रवाई हेतु निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि गोवंशों की देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि गौशालाओं का नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए।
