मैं गरिमा सिंह अरबपति बनूंगी, यह मेरा लक्ष्य है; पुलिस ने स्टेशन मास्टर पिता और पुत्री को जेल रवाना किया
ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गोरखपुर. करोड़पति बनने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए लोन दिलाने और उसे माफ कराने का झांसा देकर ठगी करने के मामले में एम्स थाना पुलिस ने स्टेशन अधीक्षक की बेटी गरिमा सिंह और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, गरिमा ने 10 से अधिक लोगों से करीब 3.67 करोड़ रुपये की ठगी की है। जांच के दौरान पुलिस को गरिमा की एक डायरी भी मिली है, जिसमें उसने अपने आर्थिक लक्ष्य को रोज दर्ज किया था।
डायरी में गरिमा ने लिखा था, “मैं गरिमा सिंह, अप्रैल 2026 तक अरबपति बनूंगी। यह मेरा लक्ष्य है। मेरे सभी लोन अप्रैल से मई तक खत्म हो जाएंगे। अप्रैल से मई तक मेरा लक्ष्य 100 करोड़ रुपये कमाना है।”
पुलिस के अनुसार, डायरी में इस तरह की कई बातें लिखी मिली हैं। एम्स थाना क्षेत्र के महादेवी झारखंडी कालोनी निवासी ध्रुव नारायण सिंह सहजनवां रेलवे स्टेशन पर स्टेशन अधीक्षक हैं। उनकी बेटी गरिमा की शादी वर्ष 2020 में कुशीनगर निवासी भानू प्रताप सिंह से हुई थी। पुलिस के अनुसार, ठेकेदारी का काम प्रभावित होने के बाद भानू प्रताप करीब दो वर्ष पहले पत्नी के साथ ससुर के घर रहने लगा था।
पुलिस जांच में सामने आया कि गरिमा ने लोन लेने के इच्छुक और पहले से कर्ज लेने वाले लोगों को निशाना बनाया। वह लोगों को लोन दिलाने और उसकी किस्त खुद जमा करने का भरोसा देती थी। आरोप है कि बैंक से लोन स्वीकृत होने के बाद वह रकम अपने खाते में ट्रांसफर करा लेती थी और कुछ हिस्सा संबंधित व्यक्ति को दे देती थी। मामले का पर्दाफाश रेलवे कर्मचारी सत्यप्रकाश सिंह की शिकायत के बाद हुआ।
उन्होंने पुलिस को बताया कि स्टेशन अधीक्षक ध्रुव नारायण सिंह के माध्यम से उनकी मुलाकात गरिमा से हुई थी। गरिमा ने उनका कार लोन बंद कराने का भरोसा देकर व्यक्तिगत लोन लेने के लिए कहा। उनके दस्तावेजों के आधार पर छह बैंकों से करीब 1.67 करोड़ रुपये का लोन कराया गया। शुरुआत में तीन माह तक किस्त जमा की गई, लेकिन बाद में भुगतान बंद हो गया।
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने गरिमा सिंह, उसके पिता ध्रुव नारायण सिंह, पति भानू प्रताप सिंह समेत अन्य सहयोगियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। इसके बाद बाप-बेटी को गिरफ्तार कर जेल भेजा। इसके बाद से दाेनों के विरुद्ध और भी तहरीर पड़ी है।
इसमें सहजनवा रेलवे स्टेशन पर तैनात कामर्शियल क्लर्क संदीप कुमार पांडेय ने तहरीर देकर सहजनवा थाने में 60.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं एम्स क्षेत्र के रहने वाले पशुचिकित्साधिकारी परमात्मा सिंह ने एम्स थाने में तहरीर दी। आरोप लगाया कि बाप-बेटी ने मिलकर उन्हें झांसे में लिया। फिर लोन दिलाने के नाम पर उनसे कागजात लिए और 1.40 करोड़ रुपये उनके नाम से लोन लेकर गरीमा ने अपने खाते में मंगा लिए।
जानकारी होने पर जब उससे पूछताछ की गई तो जल्द वापस करने की बात कही। बाद में आरोपित बाप-बेटी धमकी देने लगे। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि धोखाधड़ी मामले में पिता-पुत्री को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया गया है। अन्य शिकायतों पर भी केस दर्ज कर विवेचना में शामिल की जा रही है। इसके अलावा दर्ज केस में फरार आरोपितों की तलाश चल रही है। नई शिकायतों की भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बेटी के साथ आरोपित बनाए गए स्टेशन मास्टर ध्रुव नारायण सिंह को रेल प्रशासन ने निलंबित कर दिया है। ये सहजनवा रेलवे स्टेशन पर तैनात थे। बेटी के साथ मिलकर ध्रुव ने अपने विभाग के लोगों को भी झांसे में लेकर बेटी से मुलाकात कराते थे। फिर बेटी लोन दिलाने के नाम पर उनके कागजात लेकर लोन दिलाती थी और अपने खाते में मंगा लेती थी।

