गाजीपुर में बीएसएफ जवान दिवाकर यादव को नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. बीएसएफ जवान दिवाकर यादव को सोमवार को गाजीपुर के देऊपुर गांव में नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। उनके पार्थिव शरीर के गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। तिरंगे में लिपटे जवान के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े।
जानकारी के अनुसार, दिवाकर यादव को कुछ दिन पहले ब्रेन हेमरेज हुआ था। उन्हें गौहाटी के विभागीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 1 अगस्त की शाम इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। सोमवार को उनका पार्थिव शरीर वाराणसी से उनके पैतृक गांव देऊपुर लाया गया।
स्वर्गीय मोतीचंद यादव के छोटे पुत्र दिवाकर यादव वर्ष 2003 में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में शामिल हुए थे। उनके बड़े भाई राजेंद्र यादव कोलफील्ड से सेवानिवृत्त हैं। दिवाकर यादव ने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ देश की सेवा की।
दिवाकर यादव अपने पीछे पत्नी, एक पुत्री और दो पुत्रों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनकी पुत्री मोनिका, बड़ा पुत्र शिवम (19 वर्ष) और छोटा पुत्र श्रेयांश (15 वर्ष) वर्तमान में लखनऊ में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
इस अवसर पर शौर्य सैनिक संगठन ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने भी वीर जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की। कैप्टन उमाशंकर यादव, सूबेदार मेजर रविंद्र यादव, कैप्टन रविंद्र, कमांडो धीरेंद्र और संगठन के पत्रकार अनिल सहित अन्य सदस्यों ने पुष्पचक्र अर्पित किए। बीएसएफ के जवानों ने भी नम आंखों से गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम सलामी दी, जिसके बाद सभी ने बारी-बारी से पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
गांव में हर कोई देश के इस वीर सपूत को खोने पर दुख व्यक्त कर रहा था। दिवाकर यादव की देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और देश सेवा को क्षेत्रवासी हमेशा सम्मान और गर्व के साथ याद रखेंगे।
