गाजीपुर में नाला सफाई पर 8 लाख खर्च, फिर भी बारिश में डूबी सड़कें
ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. गाजीपुर के बारिश के बाद नगर पालिका की जल निकासी व्यवस्था की पोल खुल गई। शहर के कपूरपुर, रायगंज और नौरंगाबाद समेत कई इलाकों में कमर तक पानी भर गया। सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गईं और कई घरों में पानी घुस गया। कुछ मकानों में बिस्तर तक पानी पहुंचने से लोगों को रात जागकर गुजारनी पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव की समस्या वर्षों पुरानी है और हर बरसात में हालात बिगड़ जाते हैं।
मानसून से पहले नगर पालिका प्रशासन ने जलभराव रोकने के लिए नाला सफाई अभियान चलाया था। 15 जून से पहले 38 नालों की सफाई के लिए करीब 5 लाख रुपए का टेंडर जारी किया गया था। सफाई के लिए बाहर की कंपनी से नाला गैंग बुलाया गया था। वहीं, बाकी नालों की सफाई नगर पालिका ने अपने संसाधनों से कराई, जिस पर करीब 3 लाख रुपए खर्च होने की बात कही गई है।
बताया गया था कि नाला सफाई का काम नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल और ईओ धीरेंद्र कुमार राय की देखरेख में कराया गया। प्रशासन का लक्ष्य बारिश से पहले शहर की जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करना था। इसके बावजूद बारिश होते ही कई पुराने जलभराव वाले इलाकों में स्थिति जस की तस नजर आई।
नौरंगाबाद निवासी ने बताया कि बारिश के बाद पानी निकलने में 15 से 20 दिन तक लग जाते हैं। इस दौरान दोबारा बारिश होने पर स्थिति और खराब हो जाती है। उन्होंने बताया कि कई बार पानी बिस्तर तक पहुंच जाता है। घर में पानी भरने के कारण लोगों को रातभर जागकर गुजारना पड़ता है। जलभराव के साथ मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ जाता है।
कई लोगों ने घरों के दरवाजे पर पानी रोकने के लिए घुटने तक ऊंची दीवार बनवा रखी है। इसके बावजूद बारिश के दौरान पानी दीवार को पार कर घर के अंदर पहुंच जाता है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
रायगंज निवासी ने बताया कि बारिश होते ही सड़क और घरों में कमर तक पानी भर जाता है। उनका कहना है कि अगर नालियों की नियमित और प्रभावी सफाई होती तो स्थिति इतनी खराब नहीं होती। जलभराव के कारण लोगों को दिन-रात परेशानी झेलनी पड़ती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे नियमित रूप से नगर पालिका को टैक्स देते हैं, लेकिन जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए हर साल बारिश में परेशानी उठानी पड़ती है।
शहर के एमएएच इंटर कॉलेज से तुलसी का पुल और जुड़न शहीद क्षेत्र तक भी बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई जगह सड़क पर पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित हुआ। बारिश के बाद सामने आई तस्वीरों में सड़कों पर भरा पानी और उससे लोगों को हो रही परेशानी साफ दिखाई दी।
नगर पालिका की ओर से हर साल मानसून से पहले नाला सफाई अभियान चलाया जाता है। इस बार भी टेंडर के जरिए 38 नालों की सफाई कराई गई। इसके अलावा नगर पालिका कर्मचारियों को भी सफाई कार्य में लगाया गया और बाहरी नाला गैंग की मदद ली गई।
इसके बावजूद बारिश के बाद पुराने जलभराव वाले इलाकों में समस्या बनी हुई है। ऐसे में नाला सफाई और नगर की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। वर्षों से जलभराव झेल रहे स्थानीय लोगों को अब समस्या के स्थायी समाधान का इंतजार है।

