Today Breaking News

ऑटो चालक के बेटे ने कबड्डी में बनाई राष्ट्रीय पहचान, सिलिंडर की मदद से बनाते फिटनेस

गाजीपुर न्यूज़ टीम, कानपुर। मुफलिसी के दिनों में पहचान बनाने वाले खिलाड़ियों में रेडर रोहित प्रदेश के प्रमुख खिलाड़ियों में शुमार है। 24 वर्षीय कबड्डी खिलाड़ी ने माटी के खेल में शहर का नाम क्रिकेट से परे कबड्डी में रोशन कर रहे हैं। इस खिलाड़ी की काबिलियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता कि अकेले दम पर कानपुर की धमक अन्य राज्यों में बनाई।

रेडर युवा में पहचाने जाते हैं रोहित
मोती मोहाल निवासी ऑटो चालक विनोद जायसवाल के बेटे रोहित राष्ट्रीय कबड्डी के जाने-माने रेडर युवा में पहचाने जाते हैं। भारतीय कबड्डी टीम के कप्तान वरेडर अनूप को देखकर कबड्डी खेलने वाले रोहित पिता के संघर्ष को पहचान दिलाने के लिए ग्रीनपार्क की कोच पूनम यादव से प्रशिक्षण लेना शुरू किया।

राष्ट्रीय रेडर के वीडियो देखकर कर रहे अभ्यास
अन्य खिलाड़ी की अपेक्षा रोहित ने पांच से सात घंटे रेड का अभ्यास करते हैं। लॉकडाउन में स्टेडियम बंद होने के कारण व घर में राष्ट्रीय रेडर के वीडियो देखकर नई-नई तकनीक से रूबरू हो रहे हैं। वर्कआउट के लिए वे घर में रखे सिलिंडर वचकिया को उठाकर फिटनेस संवार रहे हैं।

तेजी व ताकत बनी रोहित की पहचान
आम खिलाड़ियों की अपेक्षा रोहित की तेजी व ताकत उनकी खासियत है। कोच पूनम के मुताबिक रेड के समय रोहित की तेजी देखने लायक होती है।

सुपर टेन के मास्टर हैं रोहित
अन्य शहरों में रोहित को सुपर टेन मास्टर व सुपर रेडर के रूप में जाना जाता है। क्योंकि लगभग हर मैच में उनकी रेड का स्तर सर्वाधिक रहता।

रेडर अनूप को मानते हैं आदर्श
भारतीय कबड्डी के धुरंधर व कप्तान रहे रेडर अनूप को रोहित आदर्श मानते हैं। अनूप ने अपनी कप्तानी में भारत को कबड्डी का विश्वकप व एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक दिलाया था।
'