जून के पहले हफ्ते में ही गंगा के जलस्तर में बढ़ाव, आरती स्थल से हटने लगीं छतरियां
गाजीपुर न्यूज़ टीम, वाराणसी. वाराणसी में गंगा के जलस्तर में बढ़ाव जून के पहले सप्ताह में ही शुरू हो गया है। बढ़ाव को देखते हुए घाट किनारे गंगा आरती स्थल से छतरियों और खंभों को शुक्रवार को हटाया जाने लगा। केंद्रीय जल आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटों में काशी में गंगा के जलस्तर में 16 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। शुक्रवार की सुबह आठ बजे काशी में गंगा का जलस्तर 59.39 मीटर मापा गया। जबकि एक दिन पहले जलस्तर 59.24 मीटर था।
गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ाव की प्रवृत्ति बनी हुई हैं। इलाहाबाद में भी गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में अगले 24 घंटों में काशी की गंगा में भी बढ़ाव जारी रहेगा। बनारस में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर, खतरे का निशान 91.26 मीटर है। जबकि अधिकतम जलस्तर 73.90 मीटर है। गंगा में शुरू हुए बढ़ाव के कारण नाविकों की समस्या सबसे अधिक बढ़ गई है।
बदले हुए हालात में उन्हें रात में घाट किनारे रहने की इजाजत नहीं है, इसलिए वे बढ़ते जलस्तर पर नजर नहीं रख पा रहे हैं। सुरक्षा की दृष्टि से नावों के बंधन कड़े कर दिए गए थे, जिसके कारण गुरुवार की रात में जलस्तर बढ़ने से घाट किनारे बांधी गई कई छोटी नावों का ज्यादातर हिस्सा पानी में डूब गया। दशाश्वमेध घाट, मानमंदिर घाट, सिंधिया घाट पर बांधी गई आधा दर्जन से अधिक नौकाओं में पानी भर गया था। नावियों ने सुबह से ही मशक्कत करके नावों से पानी निकालना शुरू किया। शुक्रवार की शाम नौकाओं के बंधन ढीले किए गए ताकि रात में फिर पानी बढ़े तो छोटी नौकाओं में दोबारा नौकाओं में पानी न भर जाए।
