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पूर्वांचल के पहले कोरोना संक्रमित से इतने लोगों में फैला संक्रमण, RMRC ने किया खुलासा

गाजीपुर न्यूज़ टीम, गोरखपुर। रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (आरएमआरसी) ने पूर्वांचल में मिले पहले कोरोना संक्रमित हसनैन और उससे अन्य लोगों में होने वाले संक्रमण पर अध्ययन किया है। अध्ययन में यह बात सामने आई है कि हसनैन के संपर्क में आए 18 लोग कोरोना पाॅजिटिव हुए थे। इनमें वह सात लोग भी शामिल थे, जो हसनैन के जनाजे में भी शामिल हुए थे। हालांकि उस समय तक उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि हसनैन कोरोना संक्रमित था। 
आरएमआरसी के अध्ययन में सामने आई संक्रमण की चेन
इनमें से चार संक्रमितों को तो इलाज के लिए 34 दिन तक अस्पताल में रहना पड़ा था। उनमें किसी में कोरोना संक्रमण के कोई प्रत्यक्ष लक्षण नहीं पाए गए। आरएमआरसी के चार विशेषज्ञों की टीम ने गोरखपुर और बस्ती मंडल के पहले संक्रमित हसनैन अली की बीमारी उसके संपर्क में आने वाले लोगों पर अध्ययन कर यह जानकारी जुटाई है। आरएमआरसी के निदेशक डॉ. रजनीकांत भी इस अध्ययन में शामिल रहे। उन्होंने बताया अध्ययन का उद्देश्य संक्रमण के चरणों की पहचान करना था। हसनैन अली का मामला पहला था। पहले मामले में ही संक्रमण की लंबी चेन मिली।

तीन तरफ से फैला संक्रमण 
अध्ययन के दौरान यह पता चला कि हसनैन के माध्यम से तीन तरफ से संक्रमण फैला। पहले संक्रमण उनमें हुआ, जो घर के लोग थे। दूसरे नंबर पर संक्रमण के दायरे में वह लोग आए जो मरीज के सीधे संपर्क में थे। तीसरे नंबर पर उन लोगों में संक्रमण हुआ, जो जनाजे में शामिल हुए। सर्वाधिक संक्रमण जनाजे में जाने वालों में फैला। जनाजे में करीब 60 लोग शामिल हुए, उनमें सात संक्रमित हो गए। इन सात में चार संक्रमितों के सात परिजन भी संक्रमित मिले। इन्हें लेकर कुल 18 संक्रमित मिले। सबके संक्रमण की वजह बने हसनैन की मौत भी हो गई थी। 

संक्रमण की जद में बच्चे और महिलाएं भी
पूर्वी यूपी में अपनी तरह का यह पहला संक्रमण था, जिसने इतने बड़े पैमाने पर अपना असर दिखाया। इस संक्रमण की जद में बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं तीनों आए। संक्रमितों में 13 पुरुष और 5 महिलाएं थी।