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Ghazipur: जिले में लगातार छठवें दिन भी जारी रही किसान यात्रा, सरकार पर जमकर गरजे सपाई

गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. देश में आंदोलनरत किसानों की मांगों के समर्थन में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर 7दिसम्बर से शुरू हुए किसान यात्रा के छठवें दिन सदर विधानसभा के अध्यक्ष तहसीन अहमद के नेतृत्व में करंडा ब्लाक अंतर्गत कुचौरा ग्राम में छट्ठू यादव के हाते में किसान चौपाल आयोजित हुई और पूरे गांव में किसान पद यात्रा निकाली गई। 

इस चौपाल में अपने विचार व्यक्त करते हुए समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष राजेश कुशवाहा ने कहा कि इस किसान विरोधी काला कानून के चलते देश का किसान अपने ही खेतों में मजदूर होकर रह जाएगा। उसे पूंजी पतियों के इशारे पर ही फसल उगानी और काटनी होगी और उस फसल का दाम भी पूंजीपति ही तय करेंगे । उनके खेतों और फसलों पर पूरी तरह से पूंजीपतियों का कब्जा हो जाएगा। इस किसान विरोधी काला कानून के चलते देश का किसान पूंजीपतियों और औद्योगिक घरानों का गुलाम बन कर रह जाएगा। 


देश की मोदी सरकार ने पहले सरकारी उपक्रमों को निजी हाथों में सौंप कर और अब किसानों के खेतों को पूजी पतियों को सौंप कर देश को बहुराष्ट्रीय कंपनियों और औद्योगिक घरानों के हाथों में गिरवी रखने की साजिश रची है, उन्होंने कहा कि जिस दिन इस देश की कंपनियों ,सरकारी उपक्रमों और खेतों पर पूजी पतियों ,बहुराष्ट्रीय कंपनियों का कब्जा हो जाएगा हम आर्थिक रूप से गुलाम हो जाएंगे और जिस दिन हम आर्थिक रूप से गुलाम हो जाएंगे दुनिया की कोई भी ताकत हमें राजनीतिक रूप से गुलाम होने से नहीं रोक सकती। 


उन्होंने कहा इसी तरह व्यापार करने के बहाने ईस्ट इंडिया कंपनी इस देश में आई थी ,परिणाम क्या हुआ था गुलामी की जंजीरों में जकड़ दिए गए थे हम और उस गुलामी से मुक्ति पाने में इस देश को कितनी बड़ी कीमत अदा करनी पडी थी ,शायद देश अभी भूला नहीं होगा । सदर विधानसभा के अध्यक्ष तहसीन अहमद ने भाजपा सरकार को हठधर्मी बताते हुए कहा जब देश के किसानों को यह कानून पसन्द नहीं तो सरकार को तत्काल यह कानून वापस ले लेना चाहिए। 


सरकार की किसानों के खिलाफ इस कानून को लागू करने की जिद इस बात को साबित करती है कि कहीं न कहीं सरकार अपने पूंजीपति मित्रों के दबाव में है और वह उन्हें लाभ पहुंचाना चाहती है । उन्होंनेे कहा कि सरकार किसानों की बात सुनने के बजाय उन्हें कभी खालिस्तानी,कभी आतंकवादी और कभी नक्सली और मावोवादी बताकर इस आंदोलन को बदनाम करने और किसानों को अपमानित करने का काम कर रही है, उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की बात सुनकर उनका सम्मान करें और तत्काल इस कानून को निरस्त करें। इस किसान यात्रा और चौपाल में मुख्य रूप से जिला मीडिया प्रभारी अरुण कुमार श्रीवास्तव , सदानंद कनौजिया,ओमप्रकाश सिंह ,अरविंद कुमार यादव ,आदित्य यादव, संतोष यादव ,डॉक्टर एखलाख अंसारी ,गुप्तेश्वर यादव ,हरिनाथ राम ,जय शंकर यादव ,रमेश यादव ,महंगू राम ,अजय पांडे ,किशन यादव ,कैलाश यादव, अभय यादव, आलोक शर्मा ,सोनू कनौजिया ,अंकित कनौजिया ,जयप्रकाश ,पिंटू ,संजय यादव ,वकील ,रमई, अक्षय ,भोलेनाथ, राहुल ,गोविंद ,इंद्रजीत ,अंबुज ,सुनील ,चंदन ,मुन्ना संतोष सूर्यकांत शर्मा गोलू यादव ,भैरवनाथ यादव डॉ खुर्शीद खान, अरविंद यादव ,बबलू यादव ,चंदन कुमार ,अभिषेक कुमार, दीपक यादव ,शिव मंगल यादव, रंजीत यादव, विनोद कुमार, सोनू कुमार ,हरिहर राम, राघव शर्मा ,विक्रम प्रजापति, दुखी प्रजापति ,सिंहासन विश्वकर्मा ,छोटू प्रजापति आदि उपस्थित थे। इस किसान चौपाल का संचालन करंडा ब्लाक प्रभारी बलिराम यादव ने किया ।