मुख्तार अंसारी के पुत्र अब्बास ने नियमों को ताक पर रख खरीदे असलहे, कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल
गाजीपुर न्यूज़ टीम,लखनऊ. बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी के खिलाफ लखनऊ की महानगर कोतवाली में दर्ज आर्म्स एक्ट के मामले में एसटीएफ ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसकी विवेचना एसटीएफ कर रही थी। अब्बास के दिल्ली स्थित आवास पर लखनऊ पुलिस ने छह असलहे और विभिन्न बोर के 4431 कारतूस बरामद किये थे। अब्बास ने देश-विदेश में कई शूटिंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है। इन्हीं शूटिंग के बहाने उसने नियम विरुद्ध कई असलहे व कारतूस खरीदे। एसटीएफ ने अपनी चार्जशीट में ऐसे कई बिन्दु पर पूरा ब्योरा कोर्ट को दिया है।
पिछले साल तत्कालीन एसएसपी कलानिधि नैथानी के आदेश पर अब्बास अंसारी के खिलाफ महानगर कोतवाली में एफआईआर लिखाई गई थी। डीजीपी ने इसी साल तीन जनवरी को इसकी विवेचना एसटीएफ को करने का आदेश दिया था। अब्बास का महानगर स्थित मेट्रो अपार्टमेंट में आवास है। विवेचना में अब्बास के पास देश-विदेश से खरीदी गये 17 असलहों व कारतूसों का जखीरा मिला था।
एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश के मुताबिक 11 दिसम्बर को कोर्ट में अब्बास अंसारी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। अब्बास ने कई शस्त्र स्पोर्टस कोटे के नाम पर गलत तरीके से देश-विदेश से खरीदे। साथ ही कई बार गलत दस्तावेजों से अपना लाइसेंस स्थानान्तरित करवाया। इसमें डीएम कार्यालय में भी गलत तथ्य प्रस्तुत किये। इसी आधार पर महानगर कोतवाली में दर्ज एफआईआर में धारा बढ़ाई गई है।
आरोप पत्र के मुख्य बिन्दु
-निशानेबाज की हैसियत से सात शस्त्र की जगह नियम विरुद्ध आठ शस्त्र खरीदे
-शस्त्र लाइसेंस का पता बदलवा लिया और जिला प्रशासन को सूचना तक नहीं दी
-अधिकृत बोर से ज्यादा बोर के असलहे व कारतूस खरीदे
-इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन द्वारा प्रतिबन्धित कारतूस खरीदे
-गलत तरीके से शस्त्र में तकनीकी खराबी दिखाकर उसे बेचने की अनुमति ली
-भारतीय राष्ट्रीय रायफल संघ के प्रमाण पत्र के बिना विदेशों से असलहे खरीदे
-दिल्ली के अस्थायी पते को पिता मुख्तार के नाम पर स्थायी पता दिखाया जबकि वह 15 सालों से जेल में बंद हैं
-शस्त्र लाइसेंस में दिखाये गये कारतूस व बरामद कारतूसों में भिन्नता मिली
-बरामद शस्त्र मानक के अनुरूप नहीं मिले
