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Ghazipur: बजट के अभाव से जूझ रहें निराश्रित पशु आश्रय केंद्र संचालक

गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. जनपद में निराश्रित पशुओं को रखने के लिए शासन के निर्देश पर पशु विभाग की ओर से निराश्रित पशु आश्रय केद्र बनाए गए है। बजट नहीं मिलने के कारण पशु आश्रय केंद्र संचालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वृहद गो आश्रय केंद्रों के संचालकों का कहना है कि बजट नहीं मिलने के से कर्ज लेकर केंद्र को संचालित किया जा रहा है। नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में घूम रहे निराश्रित पशुओं को विभाग की ओर से पकडकर केंद्र पर रखा जाता है। अब विभाग की ओर से इन आश्रय केंद्रों पर जांच के लिए टीम गठित की गई है। यह टीम केंद्रों पर निराश्रित पशुओं के रखरखाव सहित अन्य बिंदुओं पर जांच करेंगी।

शासन के निर्देश पर जनपद में नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में 28 निराश्रित पशु आश्रय केंद्र संचालित किए जा रहे है। इसमें दो वृहद व 26 अस्थाई निराश्रित पशु आश्रय केंद्र संचालित किया जा रहा है। बेसहारा पशुओं के लिए बनाए गए पशु आश्रय केंद्र बदहाली से जूझ रहे हैं। यहां रखे गए पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था बजट नहीं मिलने के कारण संचालक कर्ज लेकर कार्य करने में जुटे है। वहीं अस्थाई गो आश्रय केंद्रों पर पशुओं को चारा सहीं ढ़ंग से नहीं मिलने के कारण पशु आश्रय केंद्रों से पशु भाग कर सड़कों पर आ जा रहे है। यह पशु चारा की तलाश में खेतों की ओर रुख कर रहे हैं। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल, चना व सरसों से यह पशु अपनी भूख मिटा रहे हैं। अस्थाई निराश्रित पशु आश्रय केंद्रों पर चारे की व्यवस्था न होने के कारण पशु यहां से निकल कर फिर खेतों का रुख कर फसलों को निशाना बना रहे हैं। जबकि विभाग की ओर से इन पशुओं को केंद्रों पर नहीं पहुंचाया जा रहा है।


केंद्रों पर 2694 रखें गए है निराश्रित पशु निराश्रित पशुआश्रय केंद्रों पर पशु विभाग की ओर से 2694 निराश्रित पशु रखें गए है। इन पशुओं के भरण पोषण के लिए शासन की ओर से एक पशु पर प्रति माह 900 रुपया मिलता है। जनपद में 26 अस्थाई निराश्रित पशु केंद्र बनाए गए है, जबकि दो वृहद गो आश्रय केंद्र बनाए गए है।


 
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