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Ghazipur: मौसम में बदलाव के कारण आम की फसल को खतरा

गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. मौसम में बदलाव के कारण आम की फसल को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। उद्यान अधिकारी डा. शैलेंद्र दुबे ने बताया कि वातावरण में नमी आने के कारण रोग की आशंका बढ़ गई है। इस मौसम में आम के बौर लाशा ग्रस्त हो सकते हैं। इसके उपचार के लिए कापर आक्सी क्लोराइड का छिड़काव करना चाहिए। बौर खराब होने से आम के पैदावार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।

इस बार आम के पेड़ों पर बहुत अच्छी बौर आई है। बौर निकलने से लेकर फल लगने तक का समय संवेदनशील होता है। इस समय भुनगा और खर्रा रोग से बचाना जरुरी है। जनपद के अगल बगल में बारिश होने के बाद मौसम में नमी बढ़ रही है। ऐसे में आम की फसल में भुनगा कीट और खर्रा रोग लगने की आशंका अधिक हो गई है। जिले में लगभग बारह सौ हेक्टेयर में आम की खेती की जाती है, जिसका उत्पादन औसत लगभग दो सौ क्विटल प्रति हेक्टेयर है। इनमें लंगड़ा, दशहरी व चौसा प्रजाति के आम हैं।


खर्रा रोग व भुनगा कीट लगने के लक्षण :

खर्रा रोग पहले सफेद रंग के चूर्ण की तरह दिखाई देता है, जो बाद में राख जैसा हो जाता है। इसके प्रभाव से बौर सूखकर और छोटे फल पीले होकर गिर जाते हैं। भुनगा कीट कोमल पत्तियों, बौर व छोटे फल से रस चूसकर हानि पहुंचाते हैं। यह कीट शहद के जैसा चिपचिपा पदार्थ भी छोड़ता है। इससे पत्तियों पर काले रंग की फफूंदी जम जाती है।


रोग से बचाव के उपाय

जिला उद्यान अधिकारी डा. शैलेन्द्र दुबे ने बताया कि खर्रा रोग के उपचार के लिए कापर आक्सी क्लोराइड दो ग्राम दवा एक लीटर पानी में घोलकर आम के पौधे पर छिड़काव कर दें। इससे खर्रा रोग या लाशा रोग से छुटकारा मिल जाएगा। जब आम के फल मटर के दाने के बराबर हो जाए तो नुआन अथवा डेमाक्रान एक मिली लीटर दवा प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव कर दें। इससे मैंगो हापर कीट मर जाते है, जिससे आम की फसल को फ्रूट ड्रापिग होने से बचाया जा सकता है।


इस समय मौसम खराब होने पर आम के बौर लाशा ग्रस्त हो सकते हैं। इसके उपचार के लिए कापर आक्सी क्लोराइड, 2 ग्राम दवा प्रति लीटर पानी में डालकर छिड़काव आम का फल जब मटर के दाने के बराबर हो जाए नुआन अथवा डेमाक्रान 1 मिली लीटर दवा प्रति लीटर पानी में डालकर कर एक बार मैगों हापर, भुनगा कीट, फ्रूट ड्रापिग होना शुरू हो जाता है।

 
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