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गाजीपुर में डेंगू से पीड़ित सिपाही ने तोड़ा दम, पुलिस महकमे में हड़कंप

गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. सैदपुर में बढ़ते डेंगू के प्रकोप सक रविवार को एक पुलिसकर्मी की इलाज के दौरान मौत हो गई। सैदपुर कोतवाली में तैनात सिपाही पिछले कुछ दिनों से बीमार था और स्थानीय डाक्टर से इलाज के बाद उसे शनिवार को भर्ती कराया गया था। मौत की सूचना के बाद पुलिसकर्मी वाराणसी पहुंचे और परिजनों को भी सूचना दी। परिजनों के वाराणसी पहुंचने पर शव सैदपुर कोतवाली और फिर पुलिस लाइन लाया गया। इन जगहों पर एसपी और एसपी सिटी समेत तमाम पुलिसकर्मियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर साथी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए शव भेज दिया गया।

रायबरेली जनपद के पूरेरामदीन, थाना गुरबक्शगंज निवासी सुनील कुमार प्रजापति पुत्र श्रीराम प्रजापति (27) गाजीपुर की सैदपुर कोतवाली में आरक्षी के पद पर तैनात थे। 25 मई 2019 को नियुक्त सुनील 18 दिसंबर 2019 से कार्यरत थे और कार्यालय में बेहतर काम कर रहे थे। एक सप्ताह से उन्हें बुखार और बदनदर्द की शिकायत थी, जिसके चलते दवा ले रहे थे। बताया गया कि वह अपना इलाज सैदपुर नगर स्थित एक निजी नर्सिंग होम के डॉक्टर की सलाह पर करा रहे थे। 

शनिवार को कमजोरी और फिर तेज घबराहट की शिकायत लेकर सुनील स्थानीय सीएचसी में पहुंचे और जांच कराई। चिकित्सकों ने कुछ दवाई देकर उन्हें वाराणसी में बड़े अस्पताल में में दिखाने की सलाह दिया। शाम को ज्यादा हालत खराब होने पर सुनील को वाराणसी स्थित इन्फिटी केयर हॉस्पिटल अर्दली बाजार में भर्ती कराया गया। जहां देर रात उसकी मौत हो गई। देर रात्रि समय करीब 12:06 पर पर डॉक्टरों ने  मृत घोषित कर दिया। 

परिजनों की माने तो तीन भाइयों में सुनील ही नौकरी पेशा और घर का एकलौता कमाने वाला था। उसी के कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी। सुनील के मौत की खबर जैसे ही उसके परिजनों को मिली, उसके पिता श्रीराम, माता जनक दुलारी, बड़े भाई राज नारायण और शिवनारायण सहित, दोनों विवाहिता बहनों में कोहराम मच गया। 

पुलिस ने पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी करते हुए परिजनों को भी बुलाया।  रोते बिलखते परिजन दोपहर को सैदपुर कोतवाली पहुंचे। जहां पंचनामा सुनील का शव गाजीपुर पुलिस लाइन भेजा गया। एसपी ओमवीर सिंह, एसपी सिटी गोपीनाथ सोनी, एसपीआरए अभिषेक भारती, सीओ सिटी गौरव कुमार ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उसके पार्थिव शरीर को कांधा देकर पुलिसकर्मियों ने साथी को नम आंखों से अंतिम विदाई दी।

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