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गाजीपुर में चेयरमैन फर्जी तरीके से बनी सहायक अध्यापिका, पति भी कई बार रहे चेयरमैन

गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. गाजीपुर में मदरसा में शिक्षिका की नियुक्ति मानक की अनदेखी करते हुए की गई है, जिसका खुलासा सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत हुआ है। मामला नगर पंचायत बहादुरगंज की चेयरमैन का है जो स्थानीय मदरसे में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात हैं।

2006 में हुई नियुक्ति में कागजों में हेराफेरी का मामला प्रकाश में आया है। शिकायतकर्ता ने अल्पसंख्यक विभाग में इसकी शिकायत की है। जांच के बाद अल्पसंख्यक अधिकारी ने आरोपी शिक्षिका निकहत परवीन का वेतन बाधित करते हुए कार्रवाई के लिए मदरसा बोर्ड के चेयरमैन को रिपोर्ट भेजी है।

2006 से मदरसा में कार्यरत

शिकायतकर्ता फैजान खान ने बताया कि बहादुरगंज नगर पंचायत की चेयरमैन निकहत परवीन स्थानीय मदरसा मदरसतुल मसाकीन में सहायक अध्यापक के पद पर 2006 से कार्यरत हैं। इनकी नियुक्ति में शासनादेश के अनुसार 55 फीसदी अंक वाले को सहायक अध्यापक बनाया जाना था, लेकिन निकहत परवीन के द्वारा अपने मार्कशीट में हेरफेर करते हुए इंटर के अंक में 260 की जगह पर 280 कर इस पद को हथिया लिया गया था।

अब तक करीब डेढ़ करोड़ का ले चुकी वेतन

इसका खुलासा सूचना के अधिकार के तहत हुआ। उन्होंने बताया कि निकहत परवीन के पति रियाज अंसारी जो लगातार कई बार बहादुरगंज के चेयरमैन रहे हैं और मुख्तार अंसारी गिरोह के करीबियों में शुमार हैं। इन्होंने फर्जीवाड़ा करते हुए सहायक अध्यापक के पद को हथिया लिया है। इस पर करीब डेढ़ करोड़ तक वेतन भी ले चुकी हैं, जो कहीं न कहीं गलत है। इसको लेकर हमने शासन में भी शिकायत की है।

तत्काल प्रभाव से रोका गया वेतन

वहीं इस मामले पर अल्पसंख्यक अधिकारी प्रभात कुमार से कई बार बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने इस मामले पर कुछ भी बोलने से इनकार किया। इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी श्रीप्रकाश गुप्ता से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस बात की जानकारी होने पर जांच कराकर उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद को रिपोर्ट भेजी गई है। साथ ही साथ तत्काल प्रभाव से उनका वेतन भी बाधित कर दिया गया है, आगे जैसा आदेश होगा उसके अनुसार कार्रवाही की जाएगी।

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