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हर परिवार की बनेगी फैमिली आईडी, पात्रों को मिलेगा योजनाओं का लाभ: CM योगी

ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, लखनऊ. यूपी सरकार प्रदेश में रहने वाले हर परिवार का फैमिली आईडी बनवाएगी। फिर उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर यह देखा जाएगा कि पात्रता के अनुसार किस परिवार को किस-किस सरकारी योजना का लाभ मिल पा रहा है और किस योजना का नहीं। अगर परिवार पात्रता रखता है और उसे किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल सका है तो उस परिवार को उक्त योजना का लाभ दिलवाया जाएगा। यह जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार की शाम यहां लोकभवन में समाज कल्याण विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में दी। विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना से तैयारी करके लोक सेवा आयोग, पीपीएस, आईआईटी-जेईई और नीट में नवचयनित अभ्यर्थियों को सम्मानित करने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि  सरकार की योजनाओं के साथ जुड़कर कार्य कर करना ही अभ्युदय की सार्थकता है।

उन्होंने कहा कि ‘अयोग्य: पुरुषो नास्ति योजकस्तत्र दुर्लभ:’। यानी कोई अयोग्य नहीं है केवल एक योग्य योजक का साथ चाहिए और प्रदेश के अभ्युदय कोचिंग संस्थान उस योजक के रूप में कार्य कर रहे हैं। अभ्युदय कोचिंग संस्थान में नवचयनित आईएएस, पीसीएस, पीपीएस, आईआईटी-जेईई और नीट में सफलता प्राप्त कर चुके अभ्यर्थी मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी से जुड़कर पढ़ा रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि कोविड कालखंड में बसंत पंचमी के दिन शुरू हुआ अभ्युदय कोचिंग संस्थान आज अच्छे परिणाम देता हुआ दिखाई दे रहा है। हमारी सरकार ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के विषय विशेषज्ञों को भी इस कोचिंग से जोड़ा है। फिजिकली और वर्चुअल दोनों तरह की कक्षाएं इस कोचिंग संस्थान में चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सभी 75 जिलों में संचालित इन कोचिंग संस्थानों की गुणवत्ता को हमें और बेहतर करना है। सीएम योगी ने कहा कि आज टेक्नोलॉजी इतनी आगे बढ़ चुकी है कि एक जगह बैठकर हम प्रदेश के सभी 75 जिलों से जुड़ सकते हैं और उसके माध्यम से विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन अपने छात्रों दिला सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1998 से लेकर 2020 तक समाज कल्याण विभाग कोचिंग चलाता था। उनके माध्यम से केवल 3-4 बच्चों का ही चयन हो पाता था। पहली बार सरकार द्वारा चलाई जा रही इस नि: शुल्क कोचिंग सेवा से संघ लोक सेवा आयोग में 23 और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में 95 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। उन्होंने ने कहा कि समाज कल्याण विभाग ने पिछले छह वर्ष के अंदर अनेक रचनात्मक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया है। 2015-16 में अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों की छात्रवृत्ति अज्ञात कारणों से रोक दी गई थी।

हमारी सरकार ने आते ही इसके लिए बजट निर्धारित किया और 2015-16 और 2016-17 की छात्रवृत्ति छात्रों भेजी गई। हमारी सरकार अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्र एवं छात्राओं को वर्ष में दो बार (26 जनवरी और दो अक्टबूर) छात्रवृत्ति दे रही है। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा गरीब कन्याओं के विवाह के लिए पहले से कार्यक्रम चल रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही हमने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को भी चलाया है। दो लाख से अधिक गरीब कन्याओं का विवाह इसके माध्यम से हो चुका है।

सीएम योगी ने कहा कि वर्तमान में एक करोड़ परिवार ऐसे हैं, जिन्हें प्रदेश सरकार 12 हजार रुपये पेंशन का लाभ दे रही है। आज पेंशन में कोई कटौती नहीं होती और न ही कोई कमीशन नहीं देना पड़ता है। डीबीटी के माध्यम से सीधा लाभार्थी के खाते में पैसा भेजा जा रहा है।

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