गाजीपुर में गंगा 775 सेमी ऊपर बह रही, सैकड़ों बीघा फसले डूबी
ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. गाजीपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। शुक्रवार सुबह 8 बजे जलस्तर 63.880 मीटर दर्ज किया गया। यह स्थिति खतरे के निशान 63.105 मीटर से अधिक है। फिलहाल आज सुबह जलस्तर स्थिर होने पर तटवर्ती क्षेत्र में रहने वाले लोगों में राहत की उम्मीद जगी है
जिला आपदा विशेषज्ञ अशोक राय ने बताया कि गाजीपुर में चेतावनी बिंदु 62.100 मीटर है। पिछले वर्षों के आंकड़ों के अनुसार 2024 में गंगा का उच्च जलस्तर 63.670 मीटर रहा। 2022 में 64.390 मीटर और 2021 में 64.680 मीटर अधिकतम जलस्तर दर्ज हुआ। 5 अगस्त को जलस्तर 64.690 मीटर तक पहुंच गया था।
बाढ़ से जिले की सदर, सैदपुर, जमानिया, सेवराई और मुहम्मदाबाद तहसीलें प्रभावित हुई हैं। किसानों की सैकड़ों बीघा खेती जलमग्न हो गई हैं। कई संपर्क मार्ग बाढ़ के पानी में डूब गए हैं।
रेवतीपुर-गहमर बाइपास मार्ग पर नगदीलपुर के पास बाढ़ का पानी भर गया है। नसीरपुर, हसनपुरा और वीरऊपुर के संपर्क मार्ग भी प्रभावित हैं। वाहनों का आवागमन रुक गया है। निचले इलाकों और कई गांवों की गलियों में पानी भर गया है।
सैदपुर और मोहम्मदाबाद क्षेत्र के शेरपुर समेत अन्य गांवों में भी बाढ़ का असर देखा जा रहा है। जिला प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है और बाढ़ से निपटने की तैयारी पूरी कर ली है। सुबह से जलस्तर स्थिर होने के बाद लोगों को आने वाले दिनों में पानी घटने की उम्मीद है।