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गाजीपुर में अफजाल अंसारी ने पीएम की सुरक्षा से लेकर उठाए सवाल, बोले-देश को बांटने की सोच

ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. गाजीपुर में समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री की सुरक्षा, संसद की कार्यवाही, सेना से जुड़े आदेशों और संघ नेतृत्व के बयानों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए।
सांसद अफजाल अंसारी ने कहा कि जब लोकसभा अध्यक्ष स्वयं यह कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री को संसद में खतरा है, तो यह चिंता का विषय है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रधानमंत्री डर के कारण संसद नहीं आते, तो उनके नेतृत्व में देश कितना सुरक्षित है। उन्होंने सेना से जुड़े एक कथित आदेश का जिक्र करते हुए कहा कि यदि दुश्मन के टैंक चढ़ आएं और अधिकारियों से यह कहा जाए कि “जो उचित समझो करो”, तो यह जिम्मेदारी से बचने की बेशर्मी है।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के शादी की उम्र और बच्चों से जुड़े बयान पर अफजाल अंसारी ने कहा कि वह एक साथ डॉक्टर, वैज्ञानिक और दार्शनिक की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके हर संदेश में देश को बांटने की सोच छिपी होती है।

स्वयंसेवकों को लेकर दिए गए बयान पर अंसारी ने कहा कि सीमाओं पर तीन लाख स्वयंसेवक तैयार होने की बात भी इसी विभाजनकारी नीति का हिस्सा है। वहीं, वीर सावरकर को भारत रत्न दिए जाने की मांग पर उन्होंने कहा कि पहले यह साबित किया जाए कि वे वास्तव में ‘वीर’ थे।

अफजाल अंसारी ने कहा कि जिन्होंने आजादी की लड़ाई में गोलियां खाईं, फांसी का फंदा चूमा लेकिन कभी माफी नहीं मांगी, असली सम्मान के हकदार वही हैं। जबकि जिन्होंने बार-बार ब्रिटिश हुकूमत से माफी मांगी, उन्हें आज महिमामंडित किया जा रहा है।


एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के उस बयान पर, जिसमें उत्तर प्रदेश में बुर्का पहनने वाली महिला के मुख्यमंत्री बनने की बात कही गई थी, अफजाल अंसारी ने इसे सोची-समझी राजनीतिक रणनीति करार दिया। उन्होंने बिहार चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पहले कहा गया था “अब्दुल दरी नहीं बिछाएगा”, लेकिन बाद में अब्दुल को ही मुख्यमंत्री बना दिया गया।

अंसारी ने आरोप लगाया कि यह सब एक राजनीतिक समझौते का हिस्सा है, जिसके तहत देश को कट्टर धार्मिक भावनाओं में बांटकर हिंदू-मुसलमान के नाम पर राजनीति की जा रही है और समाज में धार्मिक ध्रुवीकरण फैलाया जा रहा है।
 
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