गाजीपुर में दो दोस्तों की एक साथ निकली अर्थी, पत्नियों ने दिया कंधा
ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. गाजीपुर के जमानियां सर्किल अंतर्गत सुहवल थाना क्षेत्र में हुए दर्दनाक हमीद सेतु हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।
रविवार की शाम जब पोस्टमार्टम के बाद कालूपुर निवासी उपेंद्र यादव और मेदनीपुर के कृष्णा उर्फ टिल्लू के शव उनके घर पहुंचे,तो दोनों गांवों में चीख-पुकार मच गई और हर आंख नम हो उठी।
दोनों मित्रों की अंतिम यात्रा एक साथ निकली एक ऐसा दृश्य जिसने हर किसी का दिल दहला दिया। जिस गंगा तट ने उन्हें आखिरी बार अपने आगोश में लिया,वहीं दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
जैसे ही एक साथ दो चिताएं जलीं, पूरा वातावरण गमगीन हो गया और सैकड़ों की संख्या में मौजूद लोग अपने आंसू नहीं रोक सके।
कालूपुर निवासी उपेंद्र यादव को उनके बड़े बेटे रितेश ने मुखाग्नि दी।इस दौरान उनकी पत्नी रीता देवी ने पति को कंधा देकर अंतिम विदाई दी, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया।
वहीं मेदनीपुर के कृष्णा उर्फ टिल्लू को उनके पिता रामदेव ने मुखाग्नि दी। उनकी पत्नी गोल्डी का विलाप हर किसी के दिल को झकझोर गया। दो साल पहले हुई शादी को याद करते हुए वह बार-बार यही सवाल करती रहीं कि अब उनका जीवन किस सहारे कटेगा।इस हृदयविदारक दृश्य ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया।
अंतिम संस्कार के दौरान दौरान पूर्व प्रधान दीपक सिंह, प्रधान मदन यादव,पूर्व प्रधान पंकज यादव,रमेश सिंह,आशुतोष सिंह,अक्षय राय दुर्गेश, अश्वनी तिवारी,राघवेंद्र सिंह,तुलसी,डॉक्टर वीरेन्द्र यादव, मनोज यादव,वालेंद्रु सिंह,अंकित सिंह समेत क्षेत्र के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
दोनों गांवों से सैकड़ों लोग गंगा तट पर जुटे और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
स्थानीय लोगों ने इस घटना को दोनों परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि यह हादसा न सिर्फ दो जिंदगियों का अंत है, बल्कि कई सपनों के टूटने की दर्दनाक कहानी भी है।पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।

