गाजीपुर पुलिस लाइन में एसपी ने किया होलिका दहन, जिलेभर में दिखा उत्साह
ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. गाजीपुर में होली पर्व की पूर्व संध्या पर जनपद में आस्था और उल्लास के साथ होलिका दहन का आयोजन किया गया। पुलिस लाइन परिसर में पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर होलिका दहन किया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच परंपरागत रीति से होलिका दहन की गई।
होलिका दहन से पूर्व एसपी डॉ. ईरज राजा ने रोली, अक्षत, गुड़, नारियल, गेंहूं की बालियां और सूत (मौली) अर्पित कर पूजा की। उन्होंने होलिका की परिक्रमा कर जिले में शांति, सौहार्द और समृद्धि की कामना की। इसके बाद शुभ मुहूर्त में अग्नि प्रज्ज्वलित कर बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक होलिका दहन संपन्न हुआ।
जनपद के ग्रामीण इलाकों से लेकर शहर के विभिन्न मोहल्लों तक होलिका दहन पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। लोगों ने पारंपरिक लोकगीत गाए और एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं। कई स्थानों पर बच्चों और महिलाओं की विशेष सहभागिता देखने को मिली।
होलिका दहन का धार्मिक महत्व पुराणों में वर्णित है। यह भगवान विष्णु के भक्त प्रह्लाद और उनकी बुआ होलिका की कथा से जुड़ा है, जिसमें बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश निहित है।
अंततः हिरण्यकशिपु की बहन होलिका, जिसे अग्नि से न जलने का वरदान प्राप्त था, प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठ गई। किंतु भगवान विष्णु की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित रहे और होलिका अग्नि में भस्म हो गई। तभी से होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।
प्रशासन अलर्ट मोड में, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होली पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिले की सभी तहसीलों और थानों में पुलिस बल को अलर्ट मोड में रखा गया है। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने जनपदवासियों से सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्योहार मनाने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
सामाजिक समरसता का प्रतीक होलिका दहन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का प्रतीक भी है। यह पर्व हमें सिखाता है कि सत्य, भक्ति और सकारात्मकता अंततः हर विपरीत परिस्थिति पर विजय प्राप्त करती है। जनपद गाजीपुर में आयोजित होलिका दहन कार्यक्रमों ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि परंपरा और प्रशासनिक सतर्कता के समन्वय से त्योहारों की गरिमा और उल्लास दोनों बनाए रखे जा सकते हैं।

