गाजीपुर में सरकार ने पीड़ित परिवार को दी सहायता; ₹5 लाख, मुख्यमंत्री आवास और डेढ़ बीघा जमीन मिली
ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. गाजीपुर के करंडा थाना क्षेत्र के कटारिया गांव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर पीड़ित सियाराम विश्वकर्मा के परिवार से मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सरकार की ओर से दी जा रही मदद सौंपी।
राजभर ने पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक, डेढ़ बीघा जमीन के पट्टे के कागजात और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मकान का स्वीकृति पत्र दिया। उन्होंने मौके पर पीड़ित से पुलिस कार्रवाई को लेकर संतुष्टि भी जानी। परिवार की ओर से बताया गया कि घटना के दिन ही मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
राजभर ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी जातीय मुद्दा बनाकर जिले का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही है, जबकि प्रदेश में अमन-चैन कायम है। उन्होंने कहा कि कहीं भी दंगा या कर्फ्यू जैसी स्थिति नहीं है और माहौल खराब करने की कोशिश गलत है।
उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि अन्य जिलों की घटनाओं पर चुप रहने वाले नेता गाजीपुर में राजनीति कर रहे हैं। वहीं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बिना जमीनी हकीकत जाने बयान देना उचित नहीं है।
राजभर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता प्रदेश में शांति और विकास है और सरकार अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई कर रही है।
29 अप्रैल को गाजीपुर में प्रस्तावित अखिलेश यादव के दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि विपक्ष को पहले तथ्यों की जांच करनी चाहिए और पीड़ित परिवार से सच्चाई जाननी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि घटना से जुड़े सभी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सरकार के पास मौजूद हैं, जो सच्चाई स्पष्ट करते हैं।
तंज कसते हुए राजभर ने कहा, “खाता न बही, अखिलेश जो कहें वही सही,” और विपक्ष को बिना प्रमाण आरोप लगाने से बचने की सलाह दी।


