गाजीपुर में रेल-सड़क पुल पर बड़े हादसे का खतरा, रेलवे ट्रैक पर मॉर्निंग वॉक का बढता ट्रेंड
ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. गाजीपुर जिले के जमानियां स्थित गंगा नदी पर बने रेल-सह-सड़क पुल पर इन दिनों एक खतरनाक प्रवृत्ति देखी जा रही है। स्थानीय लोग इस पुल का उपयोग मॉर्निंग वॉक और टहलने के लिए कर रहे हैं, जिससे यह स्थान अब एक गंभीर सुरक्षा जोखिम में बदल गया है।
सुबह और शाम के समय बड़ी संख्या में लोग रेलवे ट्रैक के बीच बैठकर आराम करते और बातचीत करते हुए पाए जाते हैं। स्थिति यह है कि कई परिवार अपने बच्चों के साथ ट्रैक पर समय बिताते हैं, जबकि इन्हीं पटरियों पर ट्रेनों का नियमित आवागमन जारी रहता है।
रेलवे सुरक्षा मानकों के अनुसार, ट्रैक पर बैठना या चलना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद, स्थानीय स्तर पर इन नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि लोग ट्रैक को सुरक्षित मानकर घंटों वहां बैठे रहते हैं, जो किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
इस पूरे मामले में भारतीय रेलवे की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आशुतोष, रमाशंकर, अभिषेक, सुनील, अनीश और विनोद जैसे क्षेत्रीय निवासियों का कहना है कि रेलवे प्रशासन इस खतरनाक गतिविधि को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है और मूकदर्शक बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पुल जैसे संकरे और सीमित स्थान पर ऐसी गतिविधियां अत्यंत जोखिम भरी होती हैं। ट्रेन के अचानक आने की स्थिति में लोगों के पास बचने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होती, जिससे एक बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
यदि रेलवे पुल और ट्रैक पर सुरक्षा बलों की नियमित तैनाती नहीं की जाती और पेट्रोलिंग के माध्यम से ट्रैक पर बैठने या घूमने पर सख्ती से रोक नहीं लगाई जाती, तो भविष्य में स्थिति भयावह हो सकती है।
यह रेल-सह-सड़क पुल अब सुविधा से अधिक खतरे का केंद्र बनता जा रहा है। यदि समय रहते इस लापरवाही पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह किसी बड़े रेल हादसे का कारण बन सकती है।
आरपीएफ निरीक्षक प्रियांबू कुमार ने इस विषय को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि इसे लेकर जल्द ही एक सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
