आरा-बनारस मेमू पैसेंजर ट्रेन 100 दिनों के लिए रद्द, दैनिक यात्री प्रभावित
ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. गाजीपुर के दिलदारनगर बिहार और पूर्वांचल के हजारों दैनिक रेल यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। डीडीयू (पंडित दीनदयाल उपाध्याय) रेल मंडल द्वारा बड़े पैमाने पर चलाए जा रहे आधारभूत संरचना विकास एवं आधुनिकीकरण कार्यों के कारण आरा–बनारस–आरा मेमू पैसेंजर ट्रेन को आगामी 100 दिनों के लिए निरस्त कर दिया गया है।
रेलवे के इस निर्णय से छात्र, नौकरीपेशा लोग, छोटे व्यापारी, मजदूर तथा मरीज सबसे अधिक प्रभावित होंगे। रेल प्रशासन के अनुसार मंडल में ट्रैक उन्नयन, नई लाइन के कार्य तथा आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली स्थापित करने के लिए मेगा ब्लॉक लिया गया है।
इन कार्यों का उद्देश्य रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित, तेज और समयबद्ध बनाना है। रेलवे का दावा है कि परियोजना पूरी होने के बाद ट्रेनों की लेटलतीफी में कमी आएगी तथा आउटर पर अनावश्यक रुकावट जैसी समस्याओं से यात्रियों को राहत मिलेगी। रेलवे द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार गाड़ी संख्या 63229 आरा–बनारस मेमू तथा गाड़ी संख्या 63230 बनारस–आरा मेमू निर्धारित अवधि तक पूरी तरह निरस्त रहेंगी। यह ट्रेन आरा, बिहिया, डुमरांव, बक्सर, गहमर, दिलदारनगर, डीडीयू और बनारस के बीच यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों के लिए सबसे सुलभ और किफायती साधन मानी जाती है।
ट्रेन के संचालन बंद होने से बनारस और डीडीयू तक रोजाना आने-जाने वाले छात्रों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ेगा। बीएचयू समेत विभिन्न शिक्षण संस्थानों एवं कोचिंग केंद्रों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना होगा। वहीं दैनिक मजदूरों, छोटे व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए अतिरिक्त यात्रा व्यय आर्थिक बोझ बढ़ाएगा।
इसके अलावा वाराणसी के अस्पतालों में इलाज एवं जांच के लिए नियमित रूप से जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। कई ग्रामीण क्षेत्रों के लोग इसी ट्रेन के माध्यम से कम खर्च में चिकित्सा सेवाओं तक पहुंचते थे।
रेल प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा से पूर्व ट्रेनों की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है। यात्रियों को वैकल्पिक मेल एवं एक्सप्रेस ट्रेनों का उपयोग करने तथा रेलवे की आधिकारिक सूचना प्रणालियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
इसके लिए एनटीईएस (National Train Enquiry System) ऐप, रेलवे हेल्पलाइन 139 तथा आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग किया जा सकता है। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि इस महत्वपूर्ण सूचना को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं, ताकि कोई भी यात्री जानकारी के अभाव में स्टेशन पहुंचकर परेशान न हो।
