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गाजीपुर में होटल गजल की जमीन पर दो दावेदार, अब्बास अंसारी को कोर्ट का नोटिस

ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. गाजीपुर में माफिया मुख्तार अंसारी के गजल होटल की जमीन को लेकर नया कानूनी विवाद सामने आया है। जिला प्रशासन द्वारा पहले गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क और ध्वस्त की जा चुकी इस संपत्ति पर अब दो अलग-अलग व्यक्तियों ने अपना मालिकाना हक जताया है। मामला एमपी-एमएलए कोर्ट तक पहुंच गया है, जहां मऊ विधायक और मुख्तार अंसारी के पुत्र अब्बास अंसारी को नोटिस जारी किया गया है।
गजल होटल कभी मुख्तार अंसारी की प्रभावशाली पहचान का प्रतीक माना जाता था। जिला प्रशासन ने इसे मानचित्र के विपरीत निर्मित बताते हुए ध्वस्त कर दिया था। इसके बाद गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत संपत्ति को कुर्क कर लिया गया था। मुख्तार अंसारी और उनके परिवार की ओर से संपत्ति को मुक्त कराने के लिए जिलाधिकारी न्यायालय में अपील भी की गई थी, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली।

अब इसी जमीन पर गाजीपुर निवासी अभिषेक अग्रवाल और मोतीलाल वर्मा ने एमपी-एमएलए कोर्ट में दावा प्रस्तुत किया है। दोनों ने स्वयं को जमीन का वास्तविक स्वामी बताया है। शासकीय अधिवक्ता अखिलेश सिंह ने भी इस दावे की पुष्टि की है।

मामले ने नया मोड़ तब लिया जब कोर्ट ने अब्बास अंसारी को नोटिस जारी कर दिया। इस समय मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही है और अगली सुनवाई 27 जून को निर्धारित की गई है। दावेदार अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि मुख्तार अंसारी और उनके सहयोगियों के प्रभाव के कारण वह पहले अपनी बात खुलकर नहीं रख पाए थे। उनका दावा है कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद उन्होंने हिम्मत जुटाई और अपनी जमीन को लेकर जिला प्रशासन को लगभग 50 प्रार्थना पत्र दिए।

अभिषेक अग्रवाल ने दावा किया कि गाटा संख्या-100 की जमीन उनकी है। उन्होंने अतिरिक्त एसडीएम न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि कोर्ट ने चन्द्रसेन विश्वकर्मा और मोतीलाल वर्मा के नाम दर्ज इन्द्राज को फर्जी, जाली और अवैध मानते हुए निरस्त कर दिया है। साथ ही पुराने राजस्व अभिलेखों के आधार पर भूमि को सही खाते में दर्ज करने का आदेश भी दिया गया है।

उन्होंने मोतीलाल वर्मा के दावे को भी पूरी तरह निराधार बताया है। अब इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि गजल होटल की जमीन का वास्तविक मालिक कौन है। फिलहाल पूरे मामले पर जिले की नजर 27 जून को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हुई है।