गाजीपुर में 4 साल के बच्चे की हत्या, डॉग स्क्वाड की नाम सुनते दादी घर छोड़कर भागी
ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. गाजीपुर में 4 साल के बच्चे की हत्या कर दी गई। गुरुवार सुबह 10 बजे का उसका शव घर से करीब 20 मीटर दूर झाड़ियों में मिला। बच्चा अपने मां-बाप का इकलौती संतान था। वह 3 दिन से लापता था।
बच्चे के शरीर पर कई घाव थे और सिर के बाल गायब थे। परिवार का आरोप है कि बच्चे के दोनों पैर काट दिए गए थे और आंखें निकाल ली गईं। बच्चे का कटा पैर शव से कुछ दूरी पर पड़ा मिला। हालांकि पुलिसवालों का कहना है कि शव को जंगली जानवरों ने नोचकर क्षत-विक्षत किया है।
शव मिलने के बाद बच्चे की दादी भागने लगीं। लोगों ने उन्हें करीब 4 किमी दौड़ाकर पकड़ लिया। पुलिस ने दादी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि घरेलू विवाद में दादी ने ही बच्चे की हत्या की है। पूरा मामला भांवरकोल थाना क्षेत्र का है। गोड़ी खास गांव के रहने वाले जामवंत कुशवाहा उर्फ पिंटू अपने 4 भाइयों में सबसे बड़े हैं। उनके भाई बाहर रहकर नौकरी करते हैं। जामवंत अपने पिता तारानाथ, मां कबूतरी देवी, पत्नी अनामिका और इकलौते बेटे सिद्धार्थ (4) के साथ गांव में रहते थे।
पिता जामवंत ने बताया कि मेरा बेटा सिद्धार्थ मंगलवार सुबह 10 बजे खेलने के लिए घर से निकला था। वह ननिहाल से आई हम उम्र की बच्ची के साथ खेल रहा था। कुछ देर बाद बच्ची अपने नाना के घर चली गई, लेकिन सिद्धार्थ वापस घर नहीं लौटा। काफी देर तक इंतजार करने के बाद उसकी तलाश शुरू की गई।
आसपास काफी खोजबीन के बाद भी जब सिद्धार्थ का कोई पता नहीं चला तो थाने पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस और गांव के लोग लगातार बच्चे की तलाश करते रहे, लेकिन उसका कुछ पता नहीं मिला।
गुरुवार की सुबह कुछ महिलाओं ने घर से करीब 20-25 मीटर दूर चरी के खेत में सिद्धार्थ का क्षत-विक्षत शव पड़ा देखा। शव काफी सड़ चुका था और उससे दुर्गंध आ रही थी।
पिता जामवंत ने कहा- बच्चे के दोनों पैर शरीर से काटकर अलग कर दिए गए थे। पेट, सिर और चेहरे पर गंभीर चोट के निशान थे और पेट का कुछ हिस्सा भी गायब था। सिर के पूरे बाल निकाले गए थे और दोनों आंखें भी गायब थीं। घटना की सूचना मिलते ही लोगों की भारी भीड़ लग गई और पुलिस को जानकारी दी गई।
सीओ सुधाकर पांडेय, थानाध्यक्ष रोहित कुमार मिश्रा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने तलाश शुरू की तो शव से करीब 7 मीटर दूर एक पैर भी मिल गया।
बताया जा रहा है कि शव मिलने तक दादी घर वालों के साथ थी। वहां पर डॉग स्क्वॉड बुलाने की चर्चा होने लगी तो डरकर दादी कबूतरी देवी घर से निकलकर गांव के बाहर भागने लगीं। गांव वालों ने पुलिस को बताया तो 4 किमी दूर दादी पकड़ी गईं।
परिवार के अनुसार, दो साल पहले जामवंत की पत्नी अनामिका के जेवरात मां कबूतरी देवी ने अपने पास रख लिए थे। कुछ दिन पहले अनामिका ने अपने जेवर मांगे तो सास ने कह दिया कि मेरे पास जेवरात नहीं हैं। काफी विवाद के बाद सास ने बहू के जेवर वापस दिए।
जेवरात के बदले मां ने बेटे जामवंत से 50 हजार रुपये की मांग की। रुपये नहीं देने पर आए दिन परिवार में विवाद हो रहा था। मामला थाने तक भी पहुंच गया था। इसी विवाद के शक में लोग कबूतरी देवी पर हत्या का आरोप लगा रहे हैं। गांव वालों ने कमरे से दुर्गंध आने की सूचना दी थी। पुलिस ने दादी के कमरे की भी जांच की। कमरे में एक प्लास्टिक का ड्रम मिला, हालांकि उसमें कुछ नहीं मिला। कुछ ग्रामीणों ने आशंका जताई कि शव पहले वहां रखा गया होगा और बाद में खेत में फेंक दिया गया, लेकिन पुलिस ने इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
बच्चे के पिता जामवंत का कहना है कि मां शुरू से ही मेरे बेटे को पसंद नहीं करती थीं। उसके लिए उल्टी-सीधी बातें करती थीं। हत्या के बाद भी हमें लग रहा था कि हो सकता है आसपास का कोई व्यक्ति मारा हो, लेकिन फिर वो भागने लगीं। रात को 12 बजे से अजीब सी बातें कर रही थीं कि बच्चा आ गया है, कोई उसे छोड़ गया है।
एडिशनल एसपी ग्रामीण अतुल कुमार सोनकर जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचे। सीओ सुधाकर पांडेय ने बताया कि 6 जुलाई को ही केस दर्ज कर लिया गया था। अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और शिकायत के आधार पर धाराएं बढ़ाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
SP डॉ. ईरज राजा ने बताया कि बच्चे की हत्या करके शव फेंके जाने की आशंका है। बाद में जानवरों ने शव को नोंचा है, बाकी खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से होगा। बच्चे के पिता ने अपनी मां के खिलाफ हत्या करने की शिकायत दी है।
