गाजीपुर में मुख्तार अंसारी की फरार पत्नी अफशां पर FIR, शस्त्र लाइसेंस के कागजात गायब करने का आरोप
ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. गाजीपुर में मुख्तार अंसारी की फरार पत्नी अफशां अंसारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी पर मुकदमा दर्ज होने के एक दिन बाद हुई है। मामला मुख्तार अंसारी के आईएस-191 गैंग से जुड़े शस्त्र लाइसेंसों की जांच से संबंधित है।
पुलिस का आरोप है कि 50 हजार की इनामी अफशां अंसारी के शस्त्र लाइसेंस से संबंधित मूल अभिलेख और क्रय-विक्रय पत्रावली को जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से कथित तौर पर गायब कराया गया है। यह आपराधिक षड्यंत्र शस्त्र लिपिकों की मिलीभगत से किया गया, जिससे हथियारों के सत्यापन में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। वाराणसी रेंज के डीआईजी वैभव कृष्ण के निर्देश पर आईएस-191 गैंग के सदस्यों, सहयोगियों और मुख्तार अंसारी के परिजनों को जारी शस्त्र लाइसेंसों की जांच चल रही है। जांच के दौरान, अफशां अंसारी के नाम पर जारी शस्त्र लाइसेंस से संबंधित मूल पत्रावली और क्रय-विक्रय के कागजों के रिकॉर्ड से गायब पाए गए। इसी लाइसेंस पर खरीदी गई एनपीबी रिवॉल्वर संख्या एबीएम-4299 की वर्तमान स्थिति का भी पता नहीं चल सका है।
इस मामले में अफशां अंसारी के साथ तत्कालीन प्रथम पटल सहायक बृजनारायण राम (सेवानिवृत्त, मृतक) और द्वितीय पटल सहायक भीष्म सिंह यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता/आईपीसी की धारा 409, 120-बी, 419 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 21/25/30 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसपी सिटी राकेश कुमार मिश्रा ने बताया- आईएस-191 गैंग से जुड़े लोगों के शस्त्र लाइसेंसों का सत्यापन लगातार जारी है। जांच में यह भी सामने आया कि अफशां अंसारी के लाइसेंस पर पहले एक रिवॉल्वर खरीदी गई थी, जिसे बाद में बेचकर दूसरा हथियार लिया गया। हालांकि, पहले खरीदे गए हथियार की वर्तमान स्थिति का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इसके अतिरिक्त, जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के शस्त्र लेखागार से संबंधित क्रय-विक्रय पत्रावली भी गायब मिली है। जांच में ऐसे संकेत भी मिले हैं कि एक ही लाइसेंस पर अलग-अलग समय में कई हथियारों की खरीद-बिक्री हुई।
इन्हीं तथ्यों के आधार पर संबंधित लोगों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई शुरू की गई है।
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले इसी जांच के दौरान गाजीपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी तथा तत्कालीन शस्त्र लिपिकों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस अब आईएस-191 गैंग से जुड़े शेष शस्त्र लाइसेंसों और हथियारों का भी भौतिक सत्यापन कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जहां-जहां अनियमितताएं सामने आएंगी, वहां संबंधित लोगों के खिलाफ भी इसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
