गाजीपुर में 2025 बैच के तीन सिपाही निलंबित, चेकिंग के नाम पर करते थे वसूली
ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. पिछले साल भर्ती हुए। नौ माह प्रशिक्षण लिया। इस वर्ष मई में गाजीपुर में पोस्टिंग पा गए। जब दायित्वों को पूरा कर खाकी को गौरवान्वित करना चाहिए था तो वर्दी को वसूली का हथियार बना लिया।
चेकिंग के नाम पर पूर्वांचल एक्सप्रेसव को अवैध कमाई का जरिया बनाया। करतूत कब तक छिपती, आखिरकार शिकायत अधिकारियों तक पहुंच गई। जांच हुई और उसके बाद कार्रवाई। एक्सप्रेसवे पर बिना किसी ड्यूटी के गाड़ियों से अवैध वसूली करने वाले 2025 बैच के तीन नए सिपाहियों को पुलिस अधीक्षक (एसपी) डा. ईरज राजा ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
मामला मरदह थाने का है। वर्ष 2025 में पुलिस विभाग में भर्ती हुए आरक्षी अजय सिंह, दीपू कुशवाहा और युवराज सिंह को इसी साल मई के महीने में पहली बार थाने में तैनाती (पोस्टिंग) मिली थी। तीनों सिपाही बिना किसी आधिकारिक आदेश या चेकिंग ड्यूटी के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के मरदह टोल प्लाजा पर पहुंच जाते थे।
वहां आने-जाने वाले वाहन चालकों को रोककर चेकिंग के नाम पर डराते और उनसे वसूली करते थे। वाहन चालकों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद मरदह प्रभारी निरीक्षक ने जब मामले की जांच कराई, तो नए सिपाहियों की करतूत सामने आ गई।
रिपोर्ट मिलते ही एसपी ने तीनों के निलंबन आदेश जारी कर दिए। तीनों सिपाहियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। निलंबन अवधि के दौरान तीनों को पुलिस लाइन से संबद्ध कर दिया गया है।
