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गाजीपुर में गंगा का जलस्तर 2 सेमी प्रति घंटे बढ़ा, तटवर्ती इलाकों में अलर्ट

ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. गाजीपुर में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार पिछले 24 घंटे से नदी के जलस्तर में करीब 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने गंगा किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। हालांकि, फिलहाल गंगा खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही है और जिले में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है।
लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए प्रशासन एहतियातन अलर्ट मोड पर है। अधिकारियों को तटवर्ती इलाकों में लगातार निगरानी रखने और किसी भी तरह की असामान्य स्थिति सामने आने पर तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।

केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक गंगा के जलस्तर में पिछले 24 घंटे से लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। करीब 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पानी बढ़ने के कारण प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बढ़ा दी है।

अधिकारियों का कहना है कि अभी जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है। इसलिए जिले में बाढ़ का तत्काल कोई खतरा नहीं है, लेकिन यदि बढ़ोतरी इसी गति से जारी रही तो निचले इलाकों में स्थिति बदल सकती है।

जलस्तर बढ़ने का असर सैदपुर, गाजीपुर सदर, जमानियां, सेवराई और मोहम्मदाबाद तहसील क्षेत्रों के तटवर्ती गांवों में पड़ सकता है। इन इलाकों में प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं।

संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव से जुड़ी तैयारियों को भी सक्रिय किया जा रहा है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलस्तर में किसी भी अचानक बढ़ोतरी की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

प्रशासन ने गंगा किनारे रहने वाले लोगों से अनावश्यक रूप से नदी के पास नहीं जाने की अपील की है। जलस्तर बढ़ने के कारण नदी में स्नान करने या पानी के नजदीक जाने से बचने को कहा गया है। अधिकारियों को तटवर्ती इलाकों में लगातार गश्त और निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों से भी नदी के जलस्तर में अचानक बदलाव या किसी अन्य असामान्य स्थिति की जानकारी तत्काल प्रशासन को देने को कहा गया है।

गाजीपुर में गंगा किनारे बसे कई गांव और आबादी वाले क्षेत्र हर साल बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील रहते हैं। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सबसे पहले निचले इलाकों में पानी पहुंचने का खतरा रहता है। फिलहाल जिले में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन लगातार 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पानी बढ़ने के कारण प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। यदि जलस्तर में आगे भी बढ़ोतरी जारी रहती है तो संवेदनशील क्षेत्रों में राहत और बचाव की तैयारियों को और तेज किया जाएगा।