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गाजीपुर में सिलेंडर ब्लास्ट में पति ने पैर गंवाए, एक करोड़ रुपए और नौकरी की मांग

ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. गाजीपुर के महाराजगंज स्थित बिंदपुरवा गांव में 16 सितंबर को ऑक्सीजन सिलेंडर ब्लास्ट हुआ था। इस हादसे में मजदूर श्रीभगवान राम के दोनों पैर चले गए थे। अब उनकी पत्नी ज्योति ने मंगलवार दोपहर मुआवजे की मांग को लेकर ठेकेदार का ट्रेलर रोक दिया। यह ट्रेलर रेलवे की नीलाम की हुई पटरियां लादकर जा रहा था।
ज्योति अपनी पांच महीने की बच्ची को गोद में लेकर ट्रेलर के आगे बैठ गईं। उनके साथ गांव के करीब 10 महिलाएं और पुरुष भी खड़े हो गए। ज्योति ने एक करोड़ रुपए मुआवजे और नौकरी की मांग की। मौके पर आए ठेकेदार के प्रतिनिधि ने तत्काल सहायता के तौर पर एक लाख रुपए देने की पेशकश की, लेकिन ज्योति अपनी मांग पर अड़ी रहीं।

ज्योति का कहना है कि श्रीभगवान परिवार में अकेले कमाने वाले थे। हादसे में दोनों पैर गंवाने के बाद अब वह काम नहीं कर पाएंगे। उन्हें पांच महीने की बच्ची और परिवार का खर्च चलाने की चिंता सता रही है। यह हादसा 16 सितंबर को हुआ था। बिंदपुरवा में रेलवे की नीलाम की हुई पटरियों को गैस कटर से काटने के बाद शाम को काम खत्म होने पर ऑक्सीजन सिलेंडर रखते समय फट गया था। हादसे में श्रीभगवान राम और अविनाश गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जबकि बालमती देवी भी झुलस गई थीं। श्रीभगवान का बीएचयू ट्रॉमा सेंटर वाराणसी में इलाज चल रहा है। अविनाश का कबीरचौरा स्थित अस्पताल में उपचार हो रहा है और बालमती देवी का इलाज गाजीपुर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।

हादसे के बाद रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने क्रेता फर्म सुभाष चंद्र कुशवाहा अंकित एंड कंपनी और उसके प्रतिनिधि आशीष कुमार पांडेय के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस सिलेंडर के स्रोत और ब्लास्ट की वजह की जांच कर रही है।