गाजीपुर में 50 हजार के इनामी हिस्ट्रीशीटर की बाइक भागते समय डिवाइडर से टकराई; गिरफ्तार
ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. गाजीपुर में पुलिस अभिरक्षा से फरार 50 हजार रुपए के इनामी हिस्ट्रीशीटर मंगलवार तड़के गिरफ्तार कर लिया गया। चौकिया मोड़ ओवरब्रिज के नीचे पुलिस की घेराबंदी देखकर सुधीर अपनी KTM बाइक से भागने लगा। तेज रफ्तार बाइक कुछ दूर जाकर सड़क किनारे रखे पत्थर के डिवाइडर से टकरा गई। बाइक गिरते ही पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया।
हादसे में सुधीर के दाहिने पैर में चोट आई है। पुलिस ने उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा और बाइक भी जब्त कर ली। सुधीर 29 अगस्त को जिला अस्पताल से पुलिस अभिरक्षा से फरार हुआ था। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस अब उसकी फरारी और उसे बाइक उपलब्ध कराने वालों के बारे में पूछताछ कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह की टीम 15 सितंबर की रात संदिग्ध लोगों और वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मेडिकल कॉलेज से फरार आरोपी बाइक से गुजरने वाला है। सूचना मिलते ही चौकिया मोड़ पर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई।
कुछ देर बाद सुधीर KTM बाइक से वहां पहुंचा। पुलिस की घेराबंदी देखते ही उसने बाइक की रफ्तार बढ़ाकर भागने की कोशिश की। कुछ दूरी पर बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे रखे पत्थर के डिवाइडर से जा टकराई। सुधीर नीचे गिर गया और पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया।
सुधीर मरदह क्षेत्र के नोनरा गांव का रहने वाला है। वह जिला जेल में न्यायिक अभिरक्षा में बंद था। इलाज के लिए उसे जिला अस्पताल लाया गया था, जहां 29 अगस्त को वह सुरक्षा कर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। इस मामले में कोतवाली में केस दर्ज किया गया और उसकी तलाश शुरू हुई।
इससे पहले 21 अगस्त को ऑपरेशन के लिए उसे जिला कारागार से महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में इलाज के दौरान वह व्हीलचेयर से बर्न वार्ड के शौचालय तक पहुंचा। बाहर तैनात पुलिसकर्मी करीब 15 मिनट तक उसके बाहर नहीं आने पर अंदर पहुंचे। दरवाजा तोड़कर देखा गया तो खिड़की की जाली टूटी थी और सुधीर गायब था। मौके पर व्हीलचेयर और गमछा मिला था।
पुलिस के मुताबिक, 1 अगस्त को गहमर क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में सुधीर के दोनों पैरों में गोली लगी थी। इसके बाद 2 अगस्त को उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। उपचार के बाद उसे जेल भेज दिया गया था। पैरों में लगी चोट के ऑपरेशन की जरूरत पड़ने पर उसे दोबारा अस्पताल लाया गया, जहां से वह फरार हो गया।
सुधीर मरदह थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसका हिस्ट्रीशीट नंबर एचएस-92ए बताया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गाजीपुर, मऊ, सुल्तानपुर और आजमगढ़ समेत कई जिलों में उसके खिलाफ चोरी, लूट, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत करीब 35 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान उसके पास से तमंचा, कारतूस, चोरी की बाइक, मोबाइल, सोने का लॉकेट और नकदी बरामद करने का दावा किया था।
फरार होने के बाद से पुलिस टीमें सुधीर के संभावित ठिकानों और आने-जाने वाले रास्तों पर निगरानी कर रही थीं। मंगलवार तड़के उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मेडिकल कॉलेज से निकलने के बाद वह कहां-कहां रहा और उसे KTM बाइक कैसे मिली। पुलिस फरारी में मदद करने वाले लोगों और उसके साथियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। सुधीर को अस्पताल में भर्ती कराने के साथ ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
