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गाजीपुर: अद्भुत, अलौकिक और बेमिसाल है अपनी लहुरीकाशी

गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर नागरिक रात से ही बेचैन था। आंखों में सारी रात गुजार दी थी उसने करवटें बदलते-बदलते। अयोध्या पर आने वाले सुबह के फैसले के बाद क्या होगा इसे लेकर उसे चिताएं खाए जा रही थीं। हालांकि जिले की गंगा-जमुनी तहजीब पर भरोसा था लेकिन न जाने मन के एक कोने में उन तरह के लोगों का चेहरा घूम जाता जो इस तरह के समय पर न जाने क्यों अमन और शांति को कलंकित करने से बाज नहीं आते। रात जैसी बहुत बड़ी हो चुकी थी, भोर होते-होते तनिक झपकी सी लगी लेकिन एक झटके से उठ खड़ा हुआ वह। सहसा किसी बुरे सपने का आभास हुआ पर चेहरा लाल, शरीर पसीने से लथपथ। घड़ी की छोटी सुई 5 और बड़ी ठीक बारह पर थी सो नागरिक उठा। दैनिक क्रिया से निवृत होकर निकल पड़ा..। किसी तरह फैसले का वह पल भी आया जिसका इंतजार था।

नागरिक को भरोसा था कि इस बार यह अंतिम और बड़ा फैसला देश से इस विवाद को खत्म करने का होगा। वह चाहे जिसके पक्ष में जाएगा लेकिन किसी की हार-जीत के रूप में नहीं देखा जाएगा। चंद दूषित मानसिकता के लोग भी माहौल बिगाड़ सकते हैं यह रह-रहकर विचलित करता रहता। अब तो नागरिक की व्यग्रता और बढ़ चली थी। ऐसे में वह निकल पड़ा हालात को अपनी नजरों से देखने और समझने। शहर में चाय की अड़ियों से लेकर चट्टी-चौराहों के चर्चे में वह शामिल हुआ। कुछ जाने-पहचाने लोगों के साथ और अधिकतर अनजानों के साथ। शहर से लेकर गांव तक, सुबह से लेकर शाम तक। घर से निकलते समय जिस चेहरे पर अनजाना सा खौफ तारी था शाम तक उसी चेहरे पर शांति, सुकून और खुशी के भाव थे। गंगा-जमुनी तहजीब का अजब दृश्य उसकी आंखों को भावविह्वल कर रहे थे। घर पहुंचने पर पत्नी ने हाल देख पूछ ही लिया। 

क्यूं मंदिर की जीत की खुशी नहीं छिप रही है न। ना.. ना.. ना..। नागरिक ने रोका। कहा कि नहीं यह किसी की जीत, किसी की हार तो है ही नहीं। यह हम नहीं, पूरी लहुरीकाशी कह रही है। हिदुओं को मुस्लिम बंधु बधाई दे रहे हैं तो हिदू भी उन्हें गले लगा रहा है, बधाई दे रहा है। सभी लोग एक दूसरे के सहयोग की बात कर रहे हैं। सभी वर्गों के बालक, वृद्ध, महिलाएं खुले मन से इसे सराह रही हैं। सभी का कहना है कि हम सभी को इस निर्णय को स्वीकार करते हुए आगे बढ़ना है, विकास की राह तैयार करनी है। यह नजारा अलौकिक, अद्भुत, बेमिसाल और कमाल का रहा। नागरिक को एक तस्वीर दिख रही थी कि अब कभी भी जब संकट की घड़ी आएगी तो प्राय: चुप रहने वाले लोग अपनी जिम्मेदारी और जवाबदेही का अहसास करते हुए इसी कदर अपनी भूमिका राष्ट्र निर्माण में लगाएंगे। सब लोग मिलजुल कर रहे तो फिर से राम राज्य लौटेगा, जहां राग, द्वेष, अहंकार जैसी बुराइयों के लिए कोई जगह नहीं होगी।

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