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गोरखपुर से वंदेभारत व शताब्दी एक्सप्रेस चलने की बढ़ी उम्मीद

गाजीपुर न्यूज़ टीम, गोरखपुर. क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (जेडआरयूसीसी) की 110वीं बैठक में वरिष्ठ नागरिकों और पैसेंजर ट्रेनों (सवारी गाड़ी) के यात्रियों की समस्याओं का मुद्दा छाया रहा। सदस्यों ने रेलवे प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि वरिष्ठ नागरिकों और पैसेंजर ट्रेन के यात्रियों पर अभी भी कोरोना संक्रमण का साया मंडरा रहा है। उन्होंने रेलवे प्रशासन से एक स्वर से वरिष्ठ नागरिकों के किराए में पूर्व की भांति रियायत (छूट) को बहाल करने तथा पैसेंजर ट्रेनों में लगने वाले एक्सप्रेस के किराया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग की। समिति के सदस्य महेंद्र कुमार सिंह ने गोरखपुर से वंदेभारत या शताब्दी एक्सप्रेस न चलाये जाने तथा गोरखपुर से लखनऊ के बीच चार घंटे की यात्रा में आठ घंटे गलाए जाने पर सवाल उठाया।

ट्रेनों में शयनयान और साधारण कोच की कमी से बढ़ गई है यात्रियों की परेशानी

बुधवार को सैयद मोदी रेलवे स्टेडियम के बैडमिंटन हाल में आयोजित बैठक में सदस्यों ने यात्रियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। सदस्यों का कहना था कि रेलवे प्रशासन एक्सप्रेस ट्रेनों से शयनयान और जनरल साधारण कोच की संख्या घटाती जा रही है। इससे आम यात्रियाें की परेशानी बढ़ गई है। वाराणसी से आए श्याम जी तिवारी और शिशिर सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे के माडल स्टेशन बनारस में भी सुविधाओं का अभाव है। दिखाने के लिए प्लेटफार्म नंबर एक और आठ तो दुरुस्त हैं लेकिन अन्य पर यात्री सुविधाएं नदारद हैं। सीसी कैमरे भी कार्य नहीं कर रहे। छोटे स्टेशनों पर न पानी की व्यवस्था है और न प्रसाधन केंद्र।

विलंब से चल रहीं ट्रेनें, स्टेशनों और ट्रेनों में पसरी रहती है गंदगी, बढ़ी परेशानी

यात्रियों को बैठने तक के लिए बेंच तक नहीं है। स्टेशनों और ट्रेनों में गंदगी पसरी रहती है। खीरी क्षेत्र से सांसद अजय मिश्रा के प्रतिनिधि ने लखनऊ से पीलीभीत तक पैसेंजर ट्रेन चलाने की मांग की। साथ ही बन रहे अंडरपास में जलभराव की समस्याओं की तरफ भी ध्यान आकृष्ट किया। आगरा से आए इफ्तिखार अहमद ने ट्रेनों की लेटलतीफी पर रेलवे प्रशासन को घेरा। उन्होंने बताया कि अवध एक्सप्रेस से आगरा से गोरखपुर आने में उन्हें 16 घंटे लगे है। आखिर कब तक ट्रेनों का समय पालन दुरुस्त होगा। फर्रुखाबाद से जितेंद्र सिंह ने स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं को बढ़ाने की मांग की। वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने टनकपुर से आगरा के बीच और ट्रेनें चलाने का सुझाव दिया। सदस्यों ने स्टेशनों और ट्रेनों में अवैध वेंडिंग का मुद्दा उठाते हुए बताया कि धड़ल्ले से लोकल ब्रांड के पानी की बोतलें बिक रही हैं।

दस में से एक भी सांसद उपस्थित नहीं

क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति में पूर्वोत्तर रेलवे के क्षेत्र से 54 सदस्य हैं। इनके अलावा दस सांसद भी नामित हैं, लेकिन बैठक में एक भी सदस्य उपस्थित नहीं थे। कुछ सांसदों के प्रतिनिधि ने उनका सुझाव रखा।अध्यक्षता करते हुए पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक चन्द्र वीर रमण ने कहा कि इस प्रकार की बैठकों के माध्यम से हमें जन-सामान्य की आकांक्षाओं और आवश्यकताओं का पता चलता है। हमने लाइन क्षमता में सुधार, यात्री सुविधाओं के उन्नयन, गाड़ियों के संरक्षित संचलन, कर्मचारी कल्याण, पर्यावरण की सुरक्षा के लिए हरित पहल सहित अन्य सभी क्षेत्रों में पर्याप्त कदम उठाए हैं। अंत में केन्द्रीय रेल उपभोक्ता परामर्शदात्री समिति के लिए भूपेन्द्र पाण्डेय का चुनाव हुआ। उप महाप्रबंधक (सामान्य) कृष्ण चंद्र सिंह ने संचालन और आभार ज्ञापित किया।

टीटी के ड्रेस में टिकट बुक कर रहा था कोच अटेंडेंट

लखनऊ से आईं सदस्य सुषमा ने बताया कि मंगलवार को वह राप्तीसागर एक्सप्रेस से गोरखपुर पहुंची। रास्ते में देखा कि कोच अटेंडेंट टीटी का ड्रेस पहनकर यात्रियों का टिकट बुक कर रहा है। वातानुकूलित तृतीय श्रेणी की बोगियों में यात्रियों को बेडरोल कंबल व चादर आदि नहीं मिला। जो पहले से मिले थे वह गंदे थे। इसकी शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि ऐशबाग और बादशाहनगर स्टेशन के प्लेटफार्मों पर लगे शेड बहुत छोटे हैं। ट्रेनों के आधे से अधिक कोच शेड से बाहर ही रहते हैं। यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है।

अन्य प्रमुख मांगे

छोटे स्टेशनों पर भी यात्री सुविधाएं दुरुस्त कराई जाएं।

बेलथरारोड और किड़िहरापुर को माडल स्टेशन बनाया जाए।

गोरखपुर-लखनऊ रूट पर ट्रेनों की गति बढ़ाई जाए।

जौनपुर के रास्ते बलिया से बनारस के लिए ट्रेन चलाई जाए।

सभी स्टेशनों पर दिव्यांग यात्रियों के लिए रैंप बनाए जाएं।

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