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गाजीपुर में बच्चों में बुखार के बाद दिव्यांगता, DM बोले- रहस्यमयी बीमारी नहीं

ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. गाजीपुर के कई गांवों में छोटे बच्चों के तेज बुखार के बाद मानसिक रूप से दिव्यांग होने के मामले सामने आए हैं। इस गंभीर समस्या को राष्ट्रीय युवा सम्मान से सम्मानित सिद्धार्थ राय ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल तक पहुंचाया। मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्यपाल ने जिला प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
बताया जा रहा है कि प्रभावित गांवों में जन्म के समय बच्चे पूरी तरह स्वस्थ होते हैं, लेकिन चार से छह महीने की उम्र में उन्हें अचानक तेज बुखार आ जाता है। बुखार ठीक होने के बाद बच्चों की मानसिक स्थिति प्रभावित हो जाती है और वे मानसिक रूप से अक्षम हो जाते हैं।

यह समस्या किसी एक परिवार तक सीमित नहीं है। फतेहुल्लापुर, हरिहरपुर, पठानपुर, हाला, शिकारपुर, धरी कला, अगस्ता, भोरहा, भिक्केपुर, तारडीह, गोला और रठूली सहित कई गांवों में प्रत्येक गांव में लगभग 8 से 10 बच्चे इस समस्या से पीड़ित बताए जा रहे हैं। परिजनों के सामने बच्चों के इलाज को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

बच्चों की इस पीड़ा को देखते हुए सिद्धार्थ राय ने उनकी आवाज राज्यपाल आनंदीबेन पटेल तक पहुंचाई। राज्यपाल ने पूरे मामले को गंभीरता से सुना और तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके विशेष कार्य अधिकारी एवं अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी डॉ. सुधीर एम. बोबडे ने इस संबंध में गाजीपुर के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कार्रवाई करने और सचिवालय को अवगत कराने को कहा है।


वहीं, जिलाधिकारी अवनीश कुमार ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि यह कोई रहस्यमयी बीमारी नहीं है। प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि संबंधित गांवों में कुछ बच्चे और कुछ वयस्क भी दिव्यांग हैं। आशंका जताई जा रही है कि गर्भावस्था के दौरान ही किसी कारणवश समस्या उत्पन्न होती है, जिसके चलते यह स्थिति सामने आई है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
 
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