गाजीपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत में 1.24 लाख मामले निपटाए गए
ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. गाजीपुर जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसका शुभारम्भ प्रशासनिक न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी और जनपद न्यायाधीश धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर और दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इस लोक अदालत में कुल 1 लाख 24 हजार 587 मामलों का निस्तारण किया गया।
इसके अतिरिक्त, बैंकों के 4 करोड़ 38 लाख 55 हजार 223 रुपए के एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) मामलों का भी समाधान किया गया। परिवार न्यायालय में 6 विवाहित जोड़ों के बीच सुलह कराई गई और उनकी विदाई की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत "न्याय का पर्व" है। उन्होंने बताया कि यह एक ऐसा मंच है जहां आपसी समझौते से विवादों का त्वरित समाधान संभव होता है।
न्यायमूर्ति शमशेरी ने भारतीय परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले परिवार और गांव स्तर पर आपसी सहमति से विवाद सुलझाए जाते थे। इसी व्यवस्था को न्यायिक स्वरूप प्रदान करने के लिए लोक अदालत की व्यवस्था बनाई गई है। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायालयों में प्रक्रिया की जटिलता के कारण छोटे मामले भी वर्षों तक लंबित रहते हैं, जबकि लोक अदालत में सरल प्रक्रिया से त्वरित समाधान हो जाता है।
उन्होंने वाहन चालान, बैंक ऋण और ग्रामीण क्षेत्रों से संबंधित विवादों के समाधान में लोक अदालत की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। न्यायमूर्ति शमशेरी के अनुसार, इससे लोगों के बीच आपसी वैमनस्य भी समाप्त होता है।
